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दही से गोरापन लाने का आसान उपाय | Curd for Skin Fairness

दही में प्रोटीन की क्वालिटी सबसे अच्छी होती हैं। दही जमाने की प्रक्रिया में बी विटामिनों में विशेषकर थायमिन, रिबोफ्लेवीन और निकोटेमाइड की मात्रा दुगुनी हो जाती है।

दूध की अपेक्षा दही आसानी से पच जाता है। दही, जिसे हम आये दिन प्रयोग में लाते हैं, हमारे शरीर को स्वस्थ्य रखने में बहुत लाभकारी होती है।

ऐसा कहा जाता है कि मनुष्य पिछले लगभग 4000 वर्षों से दहीं का इस्तेमाल कर रहे हैं। दही में उपस्थित कैल्शियम, प्रोटीन और विटामिन हमारे शरीर को कई प्रकार के रोगों से बचाते हैं।

दही एक बेहद फायदेमंद खाद्य पदार्थ है। कई स्वास्थ्य लाभ के अलावा दही में सुंदरता को बढ़ाने के कई गुण है जो कि हम सभी अपने घरों में आसानी से पा सकते हैं।

 

दही लैक्टिक एसिड और अन्य लाभकारी पदार्थों में समृद्ध है जो झुर्रियों से छुटकारा पाने में मदद करता है, ब्लैक स्पॉट और ब्लैक मार्क आदि को भी ख़त्म करता है।

दही आपकी त्वचा को गोरा भी बनाता है जिसे एक बार लगाने भर से चेहरा चमक उठता है। आज हम आपको कुछ ऐसे ही तरीको के बारे में बताएंगे जिससे आप बेदाग़ और गोरी त्वचा प्राप्त कर सकते हैं।

चेहरे पर काले धब्बों के लिए दही के इस्तेमाल की विधि :

चेहरे पर काले धब्बे का इलाज करने के लिए, नींबू के रस के साथ दही का इस्तेमाल रामबाण है। बराबर मात्रा में दही और नींबू का रस मिलाएं। अगर आपके आँखों के नीचे काली छाइयाँ हो गयी हैं तो इसे वह भी लगाएं। इस पैक को 20 मिनट के लिए रखें और उसके बाद ठन्डे पानी से चेहरे को धो लें।

चेहरे को गोरा करने के लिए दही के इस्तेमाल की विधि :

इसके लिए आपको मुल्तानी मिट्टी और दही की आवश्यकता होगी। कुछ दही के साथ 2 चम्मच मुल्तानी मिट्टी मिलाएं। दही और मुल्तानी मिटटी को मिलाते हुए पेस्ट तैयार कर लें। इस पेस्ट का चेहरे पर उपयोग करें और इसे 20 मिनट के लिए छोड़ दें। गुनगुने पानी के साथ चेहरे को धो लें।

भारतीय नस्ल की गाय का दूध, दही और घी :

सभी दूध देनेवाले जानवरो में ‘भारतीय नस्ल की गाय’ दूध, दही के लिये स्वास्थ्य के तौर पर सर्वश्रेष्ठ है। विदेशी नस्ल की और संकरीतगाय सिर्फ A1 प्रोटीन युक्त दूध देती है।

इस A1 प्रोटीन से मधुमेह, कैंसर, दिल की बिमारी और मानसिक तनाव, उदासीनता जैसी बिमारीया बढती है, यह बात सिद्ध हो चुकीहै।

सिर्फ भारतीय नस्ल की गाय ही ए-2 प्रोटीन युक्त दूध देती है, जिससे इन बिमारियो का प्रतिरोध होता है। इन गायों का आहार प्राकृतिक होने की वजह से इनके दूध से रोग प्रतिरोधक शक्ति बढती है, ऊर्जा और शक्ति प्राप्त होती है।

इसलिए आयुर्वेदिक चिकित्सा में इस दूध के साथ काफी औषधीया ली जाती है। इसका घी भी औषधी गुनो से परिपूर्ण है। गोमुत्र में रोग प्रतिरोधक शक्ति प्रचुर मात्रामें है। गोबर भी रोगाणु संक्रमण कम करता है, उसी तरह एक श्रेष्ठ उर्वरक है।

इस तरह इन गायों का पंच गव्य (दूध, दही, घी, गोबर और मुत्र) अपनी दैनिक गतिविधियो के लिये और कृषि के लिये बहुत ही उपयुक्त है। इस गाय के दूध में उपर बताये गये सभी लाभ प्रचुरता से प्राप्त होते है। इसलिये इसके दही का विशेष महत्व है।

दूध से बने पदार्थ पौष्टिक तो होते है, और इसमें दही का स्थान प्रथम है। दही के साथ खाया हुआ कुछ भी सहजता से पाचन होताहै और उस भोजन के विटामीन और प्रोटीन सरलता से अपने खून में मिल जाते है। इसीलिये दही को ‘परिपूर्ण आहार’ कहा जाता है।

रोचनं दीपनं वृष्यं स्नेहनं बलवर्धनम्। पाकेऽम्लमुष्णं वातघ्नं मंगल्यं बृंहणं दधि ।। 225।।

पीनसे चातिसारे च शीतके विषमज्वरे। अरुचौ मूत्रकृच्छ्रे च कार्श्ये च दधि शस्यते ।।226।।

शरद्ग्रीष्मवसन्तेषु प्रायशो दधि गर्हितम्। रक्तपित्तकफोत्थेषु विकारेष्वहितं च तत् ।।227।।

चरक संहिता सूत्रस्थान – 27

चरक संहिता, सूत्र स्थान 27 में दही की उपयोगिता बताई गई है। इससे दही कैसे स्वादिष्ट एवं पौष्टिक है यह पता चलता है।

स्वाद, पाचन शक्ति, यौन शक्ति, और स्नेहन तैयार करनेवाला, ताकत और रोग प्रतिरोधक शक्ति बढानेवाला, स्तंभक, स्वाद वाला, गर्म, वातको संतुलित करने वाला।

पवित्र और पोषण बढानेवाला, श्वसन मार्ग को गीला रखनेवाला, दस्त को नियंत्रित करनेवाला, जुकाम और ज्वर, आंत्र ज्वर कम करनेवाला, भोजन का स्वाद बढाने वाला।

मूत्र मार्ग की बाधा कम करनेवाला, दुर्बलता कम करनेवाला, पतझड़, गर्मी और वसंत ऋतू में अयोग्य, पुति, पित्त और कफ में विकार बढानेवाला) दहीस्वादिष्ट, दीपक, चिकना, बलवर्धक, गर्म औरपौष्टिक है।

दही के 15 फायदे | Benefits of Curd

1. हृदय सम्बन्धी रोगों से बचाव : दहीं के इस्तेमाल से हमारे शरीर का कोलेस्ट्राल स्तर कम होता है। इससे दिल सम्बन्धी परेशानियों का खतरा कम हो जाता है।

2. बालों की रुसी से आजादी : अगर आपके बालों में रुसी है तो दही में काली मिर्च का चूर्ण मिलाकर अपने बालों की जड़ों में लगायें और लगभग 20 से 25 मिनट के बाद बाल धो लें। इससे रुसी दूर होती है।

3. अनिद्रा से छुटकारा : क्या आपको नींद ना आने की बीमारी से परेशान हैं? तो आज से नियमित एक कटोरी दही खाना आरम्भ कर दीजिये इससे आपको अनिद्रा की दिक्कत से छुटकारा मिलेगा।

4. बाल झड़ना रोके : अगर आपके सिर के बाल कुछ ज्यादा ही मात्रा में झड़ रहे हैं तो आज से ही अपने बालों को धोने से कम से कम आधा घंटा पहले इनमे दही लगा लें और बालों को अच्छे से सूखने दें। इसके पश्चात् बालों को ठन्डे पानी से धो लें। इस उपाय के इस्तेमाल से ना केवल बाल मजबूत होते हैं बल्कि चमकदार भी हो जाते हैं ।

5. शरीर को ठंडक देता है : दही से बनी छाछ अथवा लस्सी को पीने से पेट की गरमी दूर होती है एवं शरीर में पानी की कमी की समस्या भी खत्म हो जाती है।

6. पाचनक्रिया मजबूत होती है : दही में उपस्थित शुगर एसिड हमारे शरीर की पाचनक्रिया को मजबूत बनता है।

7. जोड़ो के दर्द से आराम : अगर आप अपने जोड़ो के दर्द से परेशान है तो आज से ही एक कटोरी दही में हींग का छौंक लगाकर खाना शुरू कर दीजिये। इससे जोड़ों के दर्द से आराम मिलता है।

8. तैलीय त्वचा को दूर करे : दही में शहद को मिलाकर चेहरे पर लगाने से चेहरे से अतिरिक्त तैलीय तत्व दूर होता है और आपकी त्वचा को मिलती है एक नई चमक।

9. हड्डियों, दांत एवं नाखूनों के लिए फायदेमंद : दही में कैल्शियम बहुत अधिक मात्रा में उपस्थित होता है जो हमारे शरीर की हड्डियों, दांत एवं नाखूनों के विकास एवं सुरक्षा के लिए बेहद फायदेमंद होता है।

10. प्रतिरोधक-क्षमता को बढ़ाये : दही हमारे शरीर की श्वेत रक्त कोशिकाओं की संख्या को बढाता है जिससे बिमारियों से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता तेजी से बढती है।

11. दही सुपाच्य है : जो लोग दूध नहीं पचा पाते हैं वे दही का सेवन करके दूध में मौजूद सभी पौषक तत्वों को आसानी से पा सकते हैं क्योंकि दही सुपाच्य होती है।

12. मुँह के छालो से छुटकारा : मुँह के छालों से आराम पाने के लिए दिन में कम से कम 3 से 4 बार छालों पर दही लगाने से इनसे छुटकारा मिलता है।

13. मुहासों एवं दानों से आराम : अगर आप अपने चेहरे के मुहासों अथवा दानो के लिए तरह-तरह के उपचार करके थक चुके हैं तो खट्टी दही का लेप रोजाना चेहरे पर लगायें और जब ये लेप सुख जाए तो चेहरा धो लें। इससे आपको मुहासों से राहत मिलेगी।

14. पसीने की दुर्गन्ध से राहत : दही और बेसन का मिश्रण करके मालिश करने के कुछ देर पश्चात् स्नान करें। इससे पसीने से आने वाली बदबू से आराम मिलेगा।

15. त्वचा को निखारे : दही में नीम्बू का रस मिलाकर शरीर पर लगाने से त्वचा में निखार आता है और त्वचा चमकने लगती है।

आवश्यक सावधानी : 

कच्चे दही का सेवन कभी ना करे। उससे त्रिदोष असंतुलित होते है।

संभवतः रात मे दही का सेवन ना करे। अगर खाना ही पडे तो उसमें शक्कर या काली मिर्च पावडर मिलाकर खाने से पित्त प्रकोप से बचा जा सकता है।

दही से भोजन की मात्रा बढ सकती है। उसी तरह दही पौष्टिक होने से वजन बढ सकता है।

दही में संतृप्त वसा होने से दिल की बिमारी में और टाईप-२मधुमेह में घातक हो सकता है।

 

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