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दो औषधियों का मिश्रण सभी रोगों में कारगर

दोस्तों ऐसी कई प्राकृतिक औषधियां मौजूद हैं, जिनके बारे में ज्यादा जानकारी ना होने के कारण हम उसका पूरा फायदा नहीं ले पाते हैं. अगर हम लोग अपने आस पास मौजूद प्राकृतिक चीजों का इस्तेमाल करें तो बहुत सारी बीमारियों से बच सकते हैं।

शहद और आंवला दोनों ही प्राकृतिक रुप से सेहत और सौन्दर्य गुणों से भरपूर होते हैं। आयुर्वेद से लेकर दादी मां के नुस्‍खों में इनके सेवन से होने वाले फायदों के बारे में जिक्र आपको जरुर मालूम चल जाएंगे। शहद और आंवले का मिश्रण तैयार करके इन्हें साथ में लेने से इसके फायदे दोगुने हो जाते हैं।

वैसे इस मिश्रण को आम भाषा में आंवले का मुरब्‍बा भी कहा जाता है। जो भारतीय रसोई में आमतौर पर देखने को मिल जाता है। लोग इसे मिठास की वजह से बहुत चाव से भी खाते हैं।

खाली पेट खाने के इसके फायदे अधिक देखने को मिलते हैं। आज हम आपको All Ayurvedic के माध्यम से आंवला और शहद के मिश्रण से होने वाले फायदों के बारे में बताएँगे, लेकिन उससे पहले इस मिश्रण को बनाने की विधि के बारे में जानते हैं।

बनाने की विधि :

हरे आंवलों को कुचलकर या कद्दुकस कर कपड़े से छानकर आंवलों का रस निकाल लें। ततपश्चात 15 ग्राम ( तीन छोटे चम्मच) हरे आंवलों के रस में 15 ग्राम शहद मिलाकर प्रात: व्यायाम के बाद पी लें। इसके पश्चात दो घंटे तक कुछ न लें।

हरे आंवलों के मौसम में निरंतर डेढ़-दो मास इसे लेते रहने से काया पलट जाती है। सभी रोगो से बचे रहने के इच्छुक लोंगो के लिए यह एक श्रेष्ठ योग है और कायाकल्प के समकक्ष है।

आंवला और शहद मिश्रण के फायदे :

सर्दी खांसी : सर्दी खांसी जुकाम होने पर आंवला शहद बने मिश्रण में 1 चम्मच अदरक रस मिलाकर खाने से खांसी जुकाम तुरन्त ठीक हो जाता है। आंवला शहद अदरक रस के साथ दिन में 2-3 तीन बार खायें। आंवला शहद Colds Cough Home Remedy प्राकृतिक औषधि रूप है।

महिलाओं के लिए दवा : मासिक धर्म समय अवधि में अनिमियता गड़बड़ी बार-बार होने पर 1 चम्मच शहद आंवला जरूर खायें। यह अचूक दवा का काम करती। साथ ही शरीर को अन्दर से ऊर्जावान रोगमुक्त रखने में सक्षम है। महिलाओं में होने वाली शरीरिक कमजोरी को दूर करने में आंवला शहद अचूक असरदार है।

लिवर को मजबूत बनाएं : शहद में भीगे आंवले को खाने से लिवर स्‍वस्‍थ रहता है, और पीलिया के इलाज में भी मदद मिलती है। यह शरीर में संचित पित्‍त दोष और लिवर से विषाक्‍त पदार्थों को दूर करता है, जिससे लिवर को प्रभावी ढंग से काम करने में मदद मिलती है।

कब्ज : पेट की पाचन से सम्बन्धित हर समस्याओं जैसे खाना सही तरह से नहीं पचना, पेट में गैस बनना, भूख न लगना, कब्ज रहना, खट्टे डकार आना इत्यादि सभी विकारों में आंवला शहद मिश्रण में चुटकी भर अजवाइन मिलाकर खाने से पेट के समस्त विकारों से छुटकारा दिलाने में कारगर सिद्ध है।

एजिंग को रोकें : नियमित रूप से शहद में भीगे आंवला की एक चम्‍मच खाना आपको सदा जवां बनाये रखने में मदद करता है। यह आपको जरूरी एनर्जी प्रदान कर शरीर को फिर से जवां रखता है। साथ ही चेहरे से झुर्रियों और फाइन लाइन को भी हटाता है। तो देर किस बात कि अगर आप फिर से जवां बने रहना चाहते हैं तो इस उपाय को आज से ही अपनायें।

आंखों : आंवला शहद सेवन आंखों की रोशनी तेज करने में सक्षम है। और आंखों के विकारों जैस मोतिया बिन्दु, निकट दृष्टि दोष, आंखों की जलन ठीक करने में सहायक है।

रक्त बढ़ायें : रक्त की कमी दूर करने में आंवला शहद सक्षम है। यह आयरन, प्रोटीन, विटामिनस और मिनरलस का रिच भण्डार है। आंवला, शहद और फल रस से रक्त बढ़ाने के लिए कई टॉनिक बनाये जाते हैं।

 शारीरिक कमज़ोरी : आंवला शहद पुरूर्षो में अन्दुरूनी कमी, शारीरिक कमज़ोरी दुरूस्त करने में सहायक है। समस्या से छुटकारा पाने के लिए 1-1 चम्मच आंवला शहद मिश्रण सुबह शाम खायें फिर 30-35 मिनट 1 गिलास दूध जरूर पीयें। 2-3 महीने में ही पुरूर्षों की अन्दुरूनी कमी दूर करने में सहायक है।

बवासीर : लम्बे समय से खूनी पाईल रहने पर रोज 1-1 चम्मच आंवले शहद खाने से बवासीर जल्दी ठीक करने में सहायक है। जल्दी फायदे के लिए आंवला शहद में चुटकी भर कलौंजी मिलाकर खायें। यह एक तरह से बवासीर का अचूक सक्षम इलाज है। अजमाकर जरूर देखें।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाए : आंंवला जहां रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने के ल‍िए एक योद्धा की तरह शरीर में रोगों से लड़ता है वहीं शहद दीवार बनकर हम तक बीमारियों को आने से रोकता है। इस मिश्रण के सेवन से आप हमेशा स्‍वस्‍थ रहेंगे।

आंवला जूस के 9 फायदे :

संक्रमण से बचाये : आंवले में विटामिन सी के साथ आयरन, पोटेशियम, मैगेनिशियम आदि होते हैं. इसके अलावा इसमें एंटी-ऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो शरीर को संक्रमण से बचाते हैं।

हड्डियों को मजबूती : आंवला में कैल्शियम भी भरपूर मात्रा में पाया जाता है, जिसकी वजह से यह हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है।

मासि-कधर्म : इस जूस का सेवन करने से महिलाओं में मासिकधर्म के दौरान होने वाले दर्द में भी आराम मिलता है। मासिक धर्म की अवधि में अमियमित्ता और मासिक धर्म की गड़बड़ियों में डॉकटरो के पास भागने से पहले आज इसे आजमा कर देंखे तो नब्बे प्रतिशत मामलों में यह प्रयोग प्रणाली को स्वाभिक दशा में ले आता है।

वजन को कम करे : अगर जो लोग अपने वजन को लेकर परेशान हैं तो यह जूस शरीर उनके वजन को कम करने में भी मदद करता है।

त्वचा और आँखे : आंवले का सेवन बालों के लिए और आपकी त्वचा के लिए काफी फायदेमंद होता है। इससे आंखों की रोशनी भी बढ़ती है।

सिरदर्द और मोतियाबिंद : सिरदर्द, नेत्ररोग आदि अनेकानेक रोगो से छुटकारा प्राप्त होकर नवजीवन प्राप्त होता है। उपरोक्त प्रयोग के साथ यदि आंवलों या त्रिफला जल से आँखों को धोते रहने से मोतियाबिंद को आराम मिलता है।

कब्ज, दिल और दिमाग की शक्ति बढ़ती है : ताजे आंवले को चबाने से मुख की गर्मी शांत होती है, आँखे स्वस्थ रहती है, कब्ज दूर रहती है, दिल और दिमाग की शक्ति बढ़ती है व चेहरे पर नई रौनक आती है। एक ताजा आंवले में नारंगी की अपेक्षा बीस गुना विटामिन ‘सी’ होता है।

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