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भुना चना खाने के फायदे

वैसे तो चने को आप खाने में जरूर इस्तेमाल करें। यह किसी दवा से कम नहीं है। चने खाने से एक नहीं कई फायदे मिलते हैं तो क्यों नहीं भुने चनों का इस्तेमाल रोज किया जा सकता है।

All Ayurvedic का प्रयास है आपके स्वास्थ के लिए हर जरूरी चीज को आप तक पहुंचाना जो आप और आपके परिवार के लिए जरूरी और फायदेमंद है।

चना विशेषकर किशोरों, जवानों तथा शारीरिक मेहनत करने वालों के लिए पौष्टिक नाश्ता होता है। चने भारतीय खान-पान का एक अहम हिस्सा है। यह हमारे देसी स्नैक है।

चने कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, रेशे, कैल्शियम,आयरन व विटामिन्स का एक अच्छा सोर्स है। इतनी सारी विशेषता होने के कारण ही इनको गरीबों का मेवा कहा जाता है।

आज हम आपको चनो के ऐसे अद्भुत फायदे बताएँगे जो आज से पहले आपने ना पढ़े होंगे ना सुने होंगे। आयुर्वेद में चने की दाल और चने को शरीर के लिए स्वास्थवर्धक बताया गया है।

चने के सेवने से कई रोग ठीक हो जाते हैं। क्योंकि इसमें प्रोटीन, नमी, कार्बोहाइड्रेट, आयरन, कैल्शियम और विटामिन्स पाये जाते हैं। चना दूसरी दालों के मुकाबले सस्ता होता है और सेहत के लिए भी यह दूसरी दालों से पौष्टिक आहार है।

चना शरीर को बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनाता है। साथ ही यह दिमाग को तेज और चेहरे को सुंदर बनाता है। चने के सबसे अधिक फायदे इन्हे अंकुरित करके खाने से होते है।

चना शरीर में ताकत लाने वाला और भोजन में रुचि पैदा करने वाला होता है। सूखे भुने हुए चने बहुत रूक्ष और वात तथा कुष्ठ को नष्ट करने वाले होते हैं।

उबले हुए चने कोमल, रुचिकारक, पित्त, शीतल, कषैले, वातकारक, ग्राही, हल्के, कफ तथा पित्त नाशक होते हैं। भुना हुआ चना शरीर को चुस्त-दुरुस्त करता है। खून में जोश पैदा करता है। यकृत (जिगर) और प्लीहा के लिए लाभकारी होता है। तबियत को नर्म करता है।

खून को साफ करता है। धातु को बढ़ाता है। आवाज को साफ करता है। रक्त सम्बन्धी बीमारियों और वादी में लाभदायक होता है। इसके सेवन से पेशाब खुलकर आता है।

आपने भुने हुए चने तो खाए ही होंगे। अगर आप भुने हुए चनों को केवल स्वाद के लिए कभी-कभी खाते हैं तो इन्हें रोजाना खाना शुरू कर दीजिए। भुने हुए चने खाने से शरीर को जबरदस्त स्वास्थ्य लाभ होता है।

हो सकता है आपको भी चने खाने से होने वाले फायदों के बारे में जानकारी न हो. ध्यान रखें कि बाजार में भुने हुए चने दो तरह के होते हैं छिलके वाले और बिना छिलके वाले। आपको बिना छिलके वाले चने ही खाने हैं, चने के छिलके भी सेहत के लिए अच्छे होते हैं. भुने हुए चने को यदि सही तरीके से चबा चबाकर खाया जाएं तो यह मर्दाना ताकत में बढ़ोतरी होती है।

भुने हुए चने को गरीबों का बादाम भी कहा जाता है. इसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, नमी, कैल्शियम, आयरन और विटामिन भरपूर मात्रा में पाया जाता है।

भुने हुए चने खाने के फायदों के बारे में पढ़कर शायद आपके मन में भी यह सवाल उठ रहा हो कि एक स्वस्थ व्यक्ति को प्रतिदिन कितने चने खाने चाहिए।

इस बारे में All Ayurvedic के आयुर्वेदाचार्य बताते हैं कि एक स्वस्थ व्यक्ति को रोजाना 50 से 60 ग्राम चनों का सेवन करना चाहिए। यह उसकी सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद रहता है.

भुने हुए चने खाने के फायदे : 

भुने चने को रोजाना खाने से वजन कम होता है और मोटापा घटता है। यह शरीर से अतिरिक्त चर्बी को पिघलाने में मदद करता है।

जिन लोगों को बार- बार यूरिन आने की प्रॉब्लम है उनको हर रोज भुने चने का सेवन करना चाहिए।

भुने चने रक्त में ग्लूकोज की मात्रा को नियंत्रित करते है जिससे डायबिटीज कंट्रोल होती है।

भुने चने खाने से शरीर की इम्यूनिटी बढ़ती है जिससे बार- बार बीमार होना बंद हो जाता है।

भुने चने चिरौंजी और दूध के साथ खाने से स्पर्म का पतलापन दूर हो जाता है।

जिनको भी अस्थमा और सांस सम्बन्धी समस्याएं है ,उन्हें भुने चने खाने से अस्थमा में आराम मिलता है।

भुने चने खाने से खून साफ़ हो जाता है जिससे त्वचा में निखार आता है।

यह कैल्शियम का अच्छा सोर्स होने के कारण हड्डियों को मजबूत करता है।

महिलाओं के सफेद पानी या ल्यूकोरिया की समस्या में भुने हुए चने खाने से बहुत आराम मिलता है।

भुने चने को लंबे समय तक हर रोज खाने से स्किन इंफेक्शन और स्किन डिसीज ठीक हो जाती हैं।

चना पाचन शक्ति को संतुलित और दिमागी शक्ति को भी बढ़ाता है। चने से खून साफ होता है जिससे त्वचा में निखार आता है।

चने में फॉस्फोरस होता है जो हीमोग्लोबिन का लेवल बढ़ाता है और किडनी से एक्स्ट्रा साल्ट निकालता हैं।

भुने हुए चने खाने से मधुमेह रोग में भी लाभ मिलता है. भुने हुए चना ग्लूकोज की मात्रा को सोख लेते है जिससे डायबिटीज रोग नियंत्रित हो जाता है।

डायबिटीज रोगियों के प्रतिदिन भुना हुआ चना खाने से ब्लड शुगर का लेवल कम होता है. इसके अलावा भुने हुए चने को रात में सोते समय चबाकर गर्म दूध पीने से सांस नली के अनेक रोग दूर हो जाते हैं।

रोजाना नाश्ते में या दोपहर के खाने से पहले 50 ग्राम भुने हुए चने यदि आप खाते हैं तो इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में इजाफा होता है।

रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने से आप बहुत से बीमारियों से तो बचते ही हैं, साथ ही इससे आपको मौसम बदलने पर अक्सर होने वाली शारीरिक परेशानियां भी नहीं होती।

अगर आप या आपके परिवार में कोई मोटापे से ग्रस्त हैं तो भुने हुए चने खाना उनके लिए बहुत ही फायदेमंद रहेगा। रोजाना भुने हुए चने खाने से मोटापे की समस्या में राहत मिलती है। इसका सेवन शरीर से अतिरिक्त चर्बी को पिघलाने में मदद करता है।

भुने हुए चनों के सेवन से पेशाब से जुड़ी बीमारियों से छुटकारा मिलता है। जिनको भी बार-बार पेशाब आने की समस्या हो उन्हें रोजाना गुड़ के साथ चने का सेवन करना चाहिए। आप देखेंगे कि इससे कुछ ही दिन में आराम मिलने लगेगा।

भुने हुए चने दूध के साथ खाने से स्पर्म का पतलापन दूर हो जाता है और वीरय गाढ़ा होता है। यदि किसी पुरुष का वीरय पतला है तो चना खाने से आराम मिलेगा।

भुने चने को शहद के साथ खाने से मर्दाना कमजोरी दूर हो जाती है और पुरुषत्व में वृद्धि होती है। भुने चने खाने से कुष्ठ रोग भी समाप्त हो जाता है।

जिन लोगों को कब्ज की समस्या होती है, उन्हें रोजाना चने खाने से बहुत आराम मिलता है। कब्ज शरीर में कई बीमारियों का कारण होती है। कब्ज होने पर आप दिनभर आलस महसूस करते हैं और परेशान रहते हैं।

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