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लिवर के सभी रोगों का उपाय | Liver Remedies

Liver | Fatty Liver | Liver Cirrhosis | Stomach | Liver Pain

जिगर की खराबी अधिकतर उन लोगों में होती है, जो शराब अधिक पीते हैं। कभी-कभी जिगर में उत्पन्न घाव का उपचार ठीक से न होने पर जिगर में कई प्रकार के विकार पैदा हो जाते हैं जिससे जिगर ठीक से काम नहीं करता है। इस रोग में पहले जिगर बढ़ता है और फिर छोटा हो जाता है।

जिगर का परीक्षण करने से पता चला है कि इस रोग में जिगर बढ़ जाता है और जिगर के बगल में दर्द होता है। यह रोग ज्यादा बढ़ जाने पर पेट में सूजन आ जाती है, अधिक बढ़ने पर पैरों में भी सूजन आ जाती है। कभी-कभी इससे पीलिया भी हो जाता है। इस रोग में बदहजमी हो जाती है और रोगी दिन-प्रतिदिन कमजोर होता जाता है।

हमारे शरीर में हर अंग अहम् होता है और कई बार किसी एक अंग में हुई छोटी सी भी समस्या एक बड़ी परेशानी बन जाती है। लिवर (जिगर) हमारी बॉडी का दूसरा सब से बड़ा अंग है।

तेजी से बदल रही हमारी डाइट और व्यस्त जीवनशैली के कारण लिवर की कमजोरी, फैटी लीवर रोग और लिवर सिरोसिस रोग के मरीजों में बढ़ोतरी हो रही है जिनमें बहुत से लोग ट्रीटमेंट के लिए लीवर की दवा लेते है।

इससे पहले वाले लेख में हमने जाना लीवर का बढ़ना, लीवर का दर्द, लीवर का कार्य, लीवर की सूजन और लिवर की गर्मी का आयुर्वेदिक इलाज कैसे करे।

लिवर ख़राब होने के कारण और लक्षण | Liver Damage Synonyms 

लीवर के इस रोग का प्रमुख कारण शराब का अधिक सेवन करना है। शराब के इलावा हाइपर लिपिडेमिया, मोटापा, मधुमेह वाले खून में जादा वसा का होना, वजन तेजी से कम होना और स्टिरॉयड, एस्प्रिन, टेट्रासाइक्लीन और टैमोजिफेन जैसी दवाओं के साइड इफ़ेक्ट के वजह से ये रोग हो सकता है। फैटी लीवर रोग कई तरीके की होती है। शराब की लत के बिना होने वाला फैटी लीवर का रोग तब होता है जब लीवर को फैट को तोड़ने में जादा मुश्किल होने लगती है। इससे लीवर के टीशूज में फैट जमा हो जाता है।

इस रोग में जीभ मैली हो जाती है और मुख का स्वाद खराब हो जाता है। इस रोग में आलस, सिर दर्द, काला दस्त, दस्त में आंव आना, कब्ज बनना, जी मिचलाना, दाईं कोख में पसली के नीचे बोझ और भरीपन का महसूस होना आदि लक्षण दिखाई देते हैं।

लीवर के घरेलू उपाय | Remedies for Healthy Liver

पीपल : पीपल का 5 ग्राम चूर्ण सुबह-शाम लेने से जिगर की बिमारी से राहत मिलती है।

अर्कक्षार : आधा ग्राम अर्कक्षार शहद या गर्म पानी से खाना-खाने के बाद सेवन करने से जिगर की परेशानी दूर होती हैं।

अभयालवन : 1-1 ग्राम अभयलावन और अर्कलवन को गर्म पानी से खाना-खाने के बाद लेने से जिगर की खराबी दूर होती है।

अदरक : अदरक के 1 ग्राम बारीक चूर्ण को पानी के साथ सुबह-शाम लेने से जिगर की बिमारी में आराम मिलता है।

ककड़ी : 5-5 ग्राम ककड़ी, खीरे के बीज, कासनी के बीज पानी के साथ पीसकर इसमें खांड मिलाकर सुबह-शाम पीने से जिगर की खराबी में राहत मिलती है।

इमली : 20 ग्राम इमली के बीज को 250 मिलीलीटर पानी के साथ रात को भिगो दें और सुबह इसे पानी में मसलकर चीनी मिलाकर पीने से जिगर को आराम मिलता है।

छाछ : 1-1 गिलास छाछ दिन में 2-3 बार पीने से जिगर का रोग ठीक होता है।

कसौंदी बूंटी : 10 ग्राम कसौदी बूंटी के पत्ते, 7 कालीमिर्च पानी के साथ पीसकर छानकर सुबह-शाम पीने से जिगर की कमजोरी ठीक हो जाती है।

अजवायन : 12 ग्राम देशी अजवायन को 125 ग्राम पानी के साथ मिट्टी के बर्तन में रात को भिगो दें। सुबह इसी पानी को निथार कर पीने से 7 दिनों तक जिगर में खून की कमी दूर हो जाती है।

सोंठ : 20-20 ग्राम सोंठ, बालछड़ और दालचीनी को अच्छी तरह छानकर इसमें 60 ग्राम खांड मिलाकर 5-5 ग्राम की मात्रा दिन में सुबह-शाम लेने से जिगर की खून की कमी दूर होती है।

लिवर सिरोसिस (जिगर के संकोचन) में दिन में 2 बार प्याज खाने से फायदा मिलता है।

फैटी लीवर का आयुर्वेदिक इलाज, 25 ग्राम आंवले का रस या फिर 4 ग्राम सूखे आंवले का चूर्ण पानी के साथ दिन में 3 बार लेने से 15 से 20 दिनों में जिगर के सभी दोष दूर हो जायेंगे।

जिगर के रोग में दोपहर के खाने के बाद लस्सी/छाछ पीना काफी फायदेमंद है। इस घरेलू नुस्खे में छाछ में हींग, नमक, जीरा और काली मिर्च मिलाकर पीना उत्तम है।

आधा निम्बू 100 ग्राम पानी में निचोड़कर इसमें नमक डालें और दिन में 2 से 3 बार पिए। इस उपाय से भी जिगर की खराबी का इलाज कर सकते है, ध्यान रहे इस मिश्रण में चीनी मत डाले।

फैटी लिवर के उपाय करने में ग्रीन टी का सेवन करना काफी असरदार है। अच्छे परिणाम पाने के लिए आप ग्रीन टी को अपनी डाइट में शामिल करें और ग्रीन टी के एंटीऑक्सीडेंट गुणों का फायदा उठाएं।

200 से 300 ग्राम पके हुए जामुन हर रोज खाली पेट खाने से भी लिवर की खराबी दूर करने में मदद मिलती है।

विटामिन सी फैटी लिवर का घरेलू इलाज है। बेहतर परिणाम के लिए खाली पेट नींबू और संतरे का जूस पीएं।

करेला स्वाद में भले ही कड़वा होता है पर फैटी लिवर के अचूक उपचार के लिए मददगार है। जल्दी ठीक होने के लिए हर रोज 1 या 1/2 कप सब्जी करेले की खाएं या फिर करेले का जूस बना कर पिए।

आप अगर फैटी लिवर से प्रभावित हैं तो कच्चा टमाटर को अपने आहार में शामिल करे। अच्छे परिणाम पाने के लिए नियमित इसका सेवन करना चाहिए।

लीवर का उपचार के लिए फैट फ्री डाइट ले, अगर आप सोचते हैं की डाइट से फैट घटाने के लिए भूखा रहना पड़ेगा तो ये गलत हैं। भूखा रहना लीवर के लिए हानिकारक है, इससे फैटी लिवर की आशंका और भी बढ़ जाएगी। लीवर को स्वस्थ रखने के उपाय के लिए आहार में जूस और फल लें और पानी अधिक मात्रा में पीएं।

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