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दिमाग में तरावट लाने और कमजोरी दूर करने का उपाय

 

किंग ऑफ स्पाइस या ब्लैक पेपर नाम से प्रचलित काली मिर्च भोजन में इस्तेमाल किए जाने वाले गर्म मसाले का अहम् हिस्सा है। काली मिर्च हमारे भोजन का स्वाद ही नहीं बढ़ाती, कई बीमारियों के इलाज में सहायक साबित होती है।

काली मिर्च, काला  नमक भुना हुआ जीरा और अज्वैन को पीस कर लसी या  निम्बू पानी में डाल कर पीने से पाचन किर्या दरुस्त रहती है। इस  में केल्शियम, आइरन, फास्फोरस, कैरोटिन, थाईमन और रिथोफ्लेब्न जैसे पोष्टिक तत्व होते है।

एक रिसर्च के अनुसार काली मिर्च में बायो-एन्हंस्र नाम का रेसाइन होता है ,जिस की मौजूदगी में किसी भी दवाई का असर बढ़ जाता है तथा दवाई कम मात्रा में भी तेज असर करती है।

आवश्यक सामग्री :

15 काली मिर्ची

2 बादाम की गिरीयां

5 मुनक्के

2 छोटी इलाइची

एक गुलाब का फूल

आधा चमच खसखस

250 ग्राम दूध

बनाने की विधि :

15 काली मिर्चे, 2 बादाम की गिरीयां, 5 मुनक्के, 2 छोटी इलाइची, एक गुलाब का फूल, आधा चमच खसखस को रात को एक वर्तन में डाल कर भिगो दे और सुबह को रगड़ कर 250 ग्राम दूध में मिला कर हर रोज लगातार कुछ महीने पिने से दिमाग में तरावट आयेगी और दिमाग की थकावट दूर हो जाएगी।

20 ग्रम काली मिर्च, 50 ग्राम बादाम 20 ग्राम तुलसी के पत्ते को एक साथ पीस कर चूरन या थोड़ा सा गुड़ मिलाकर छोटी-छोटी गोलियां बना ले और इस चूरन का एक चमच दो चमच या 2 गोलियां शहद में मिला कर चाटने से दिमाग की ताकत में सुधार होता है।

एक चमच घी और 8 काली मिर्च और शकर को मिला कर रोजाना चाटने से याद शक्ति में सुधार होता है तथा दिमाग की कमजोरी दूर होती है।

इससे होने वाले फायदे :

ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने व शरीर को आराम देने में काली मिर्च बेहद फायदेमंद है। यदि आपका ब्लड प्रेशर बढ़ गया हो तो छोटी चम्मच काली मिर्च का पाउडर को आधे गिलास पानी में मिलाकर पीएं। आपका बीपी कंट्रोल होने लगेगा।

पेट में गैस या एसिडिटी की समस्या होने पर आप तुंरत नींबू में काला नमक और काली मिर्च का पाउडर या 2 दाने मिलाकर इसका रस चूसें। यह आपकी अपच व गैस की समस्या को पल भर में दूर कर देगी।

जो लोग गठिया की समस्या से परेशान हैं वे तिल के गर्म तेल में काली मिर्च को डालकर उसे ठंडा कर लें और बाद में उस तेल से गठिया वाली जगह पर मालिश करें। एैसा करने से दर्द मे आराम मिलेगा।

यदि पेट में कीड़े की समस्या हो तो थोड़ी सी मात्रा में काली मिर्च के पाउडर को एक गिलास छाछ में घोलकर पी लें। दूसरा उपाय है किशमिश के साथ काली मिर्च दिन में तीन बारी खाएं।

हाल ही में कैंसर पर किए गए एक शोध में ये बात सामनेआई है कि महिलाओं के लिए कालीमिर्च का सेवन बहुत लाभकारी होता है। कालीमिर्च में विटामिन सी, विटामिन ए, फ्लैवोनॉयड्स, कारोटेन्स और अन्य एंटी -ऑक्सीडेंट आदि तत्व भी पाए जाते है।

कालीमिर्च ब्रेस्ट कैंसर को रोकने मेंमददगार होती है। यह त्वचा के कैंसर से भी शरीर की रक्षा करती है।

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