fbpx

करेला का सेवन इन लोगो के लिए हानिकारक

आप सभी ने अपने जीवनकाल में कभी न कभी केरला जरूर ही खाया होगा, करेला खाने से हमारे शरीर को बहुत ज्यादा फायदा होता है। करेले में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम, विटामिन बी, विटामिन ए और कई विटामिन पाए जाते हैं, जिसके सेवन से हमारे शरीर को बहुत ही ज्यादा लाभ होता है लेकिन इसके बावजूद भी कुछ लोगों को करेले का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए, जिसके बारे में हम आपको विस्तार से बताने जा रहे हैं।

करेला प्रकृति का वरदान हैं, इसे सेहत के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। करेले का सेवन डायबिटीज में लाभ, वजन घटाने आदि के लिए किया जाता है। लेकिन हर किसी के लिए करेले का अत्याधिक सेवन सिर्फ फायदों से भरा हो ऐसा जरूरी तो नहीं होता। शोध के अनुसार करेले का अधिक सेवन करने से कई तरह के नुकसान हो सकते हैं, जैसे प्रेगनेंसी में, बच्चों के लिए, लिवर, दिल की धड़कन आदि के लिए करेला नुकसानदायक हो सकता हैं। तो चलियें जानते हैं करेले के नुकसान…


करेला के हानिकारक प्रभाव :

ब्लड शुगर लेवल कम : डायबिटीज के मरीज़ को करेला खाने की सलाह दी जाती हैं. लेकिन इसके प्रयोग करने के संबंध में सावधानी बरतनी चाहिए. क्योंकि करेला शरीर को नुकसान भी पहुचा सकता हैं। डायबिटीज के रोगी यदि अधिक मात्रा में करेले का प्रयोग करते हैं तो यह उनके लिए हानिकारक साबित हो सकता हैं। करेले के ज़्यादा सेवन से ब्लड प्रेशर कम हो सकता हैं, इसलिए इसके नियमित प्रयोग से पहले डॉक्टर की सलाह ज़रूर ले, यदि ब्लड शुगर लेवल ज्यादा है तो आप डॉक्टर की सलाह पर इसका सेवन नियमित कर सकते है।

हीमोलाइटिक एनीमिया : करेले का अधिक सेवन करने से हीमोलाइटिक एनीमिया की समस्या हो सकती है। इस स्थिति में पेट दर्द, सिर दर्द, बुखार या कोमा की स्तिथि उत्पन्न हो सकती है

गर्भवती महिलाओं के लिए नुकसानदेह : गर्भवती महिलाओं को करेले का सेवन बिल्कुल भी नहीं करनी चाहिए। इससे शिशु को नुकसान पहुच सकता हैं. साथ ही जो महिलाए माँ बनने के बारे में सोच रही हैं, उन्हे करेले खाने से बचना चाहिए। क्योंकि करेले के बीजो में Alpha-momorcharin तत्व होता हैं, जो प्रेग्नेन्सी में बाधक होता हैं। साथ ही ज्यादा मात्रा में करेले का सेवन करने से बच्चा समय से पहले जन्म ले लेता है।

हृदय की धडकन का अनियमित होना : करेले के नुकसान भी हो सकते हैं। शोध के अनुसार इस बात का खुलासा हुआ है कि करेले का अधिक सेवन करने से हृदय की धड़कन अनियमित हो जाती है।

हाइपोग्लाइकेमिया कोमा : करेले के नुकसान में एक नुकसान हाइपोग्लाइकेमिया कोमा नामक मानसिक समस्या का पैदा होना भी है। करेले का अधिक सेवन करने से शुगर कम हो जाती है। यह रक्त में शुगर के स्तर को इतना कम कर देती है कि इससे हाइपोग्लाइकेमिया कोमा की समस्या पैदा हो जाती है।

लिवर और किडनी : अधिक मात्रा में करेले का सेवन लिवर और किडनी इन्फेक्शन का कारण बन सकता हैं। करेला सीधे तौर पर लिवर को नुकसान नही पहुचाता हैं, लेकिन इसके अधिक इस्तेमाल से लिवर एन्ज़ाइम बढ़ते हैं जो धमियो में अकड़न बढ़ा सकते हैं।

बच्चों के लिए : बच्चों को ज्यादा मात्रा में करेले का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि करेले के बीज को कवर करने वाले लाल तत्व विषाक्त होते हैं, जो बच्चो में उल्टी और डायरिया जैसी बीमारी फैला सकते हैं।

loading...
Share:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!