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थायराइड का घरेलू इलाज

  • थायराइड की समस्या आजकल एक गंभीर समस्या बनी हुई है। थाइराइड गर्दन के सामने और स्वर तंत्र के दोनों तरफ होती है। ये तितली के आकार की होती है। थायराइड दो तरह का होता है। हाइपरथायराइडिज्म और हाइपोथायराइड। 
  • पुरूषों में आजकल थायराइड की दिक्कत बढ़ती जा रही है। थायराइड में वजन अचानक से बढ़ जाता है या कभी अचानक से कम हो जाता है। इस रोग में काफी दिक्कत होती है। आयुर्वेद में थायराइड को बढ़ने से रोकने के बेहद सफल प्रयोग बताएं गए हैं।
  • थाइरॉयड आजकल स्त्री पुरुषों के लिए आम समस्या है। पहले ये समस्या 40 वर्ष के बाद देखी जाती थी लेकिन आज ये हर आयु वर्ग के लोगों में देखी जाती है। थाइरॉयड को साइलेंट किलर माना जाता है क्‍योंकि इसके लक्षण धीरे-धीरे सामने आते हैं।
  • गले में तितली जैसी आकृति की एक ग्रंथि ग्लैंड थाइरॉक्सिन हॉर्मोन बनाती है. यह हॉर्मोन बॉडी में एनर्जी लेवल, हार्ट रेट, ब्लड प्रेशर, मूड और मेटाबॉलिज्म को मेंटेन करता है। जब इस हार्मोन का प्रोडक्शन कम या ज्यादा होता है तो कई हेल्थ प्रॉब्लम होती हैं. इस बीमारी के चलते मरीज को खाने में विशेष ऐतिहात बरतनी चाहिए. चलिए आज हम बताते हैं क्या खाना चाहिए और क्या नहीं।

थाइराइड कई कारणों से हो सकता है, जिसके मुख्य कारण हैं

  1. बेवजह की दवाओं का सेवन करना और उनका प्रतिकूल प्रभाव पड़ने से थाइराइड हो सकता है।
  2. टोंसिल्स, सिर और थाइमस ग्रंथि की परेशानी में एक्स रे कराना भी थाइराइड का कारण बन सकता है।
  3. अधिक तनाव या टेंशन लेने का असर थायराइड ग्रंथि पर पड़ता है। जिस वजह से हार्मोन निकलने लगता है।
  4. परिवार में किसी को पहले से ही थायराइड की समस्या हो तो यह भी एक मुख्य कारण बन सकता है। 
  5. अन्य लक्षण जैसे नींद अधिक आना, आंखों में सूजन होना, जोड़ों में दर्द बने रहना, आवाज का भारी होना और लगातार कब्ज बने रहना आदि।
  6. थायराइड की वजह से हड्डियां सिकुडने लगती हैं और मांसपेशियां भी कमजोर होने लगती हैं। ऐसे में खून की नियमित जांच करवानी चाहिए। अपने खाने में जितना हो सके हरी सब्जियों का सेवन करें। 

हायपोथाइरॉयडिज्म में न खाएं

  1. सोया प्रोडक्ट: इनमें फाइटो एस्ट्रोजन होता है. इससे हायपोथाइरॉयडिज्म की प्रोब्लम बढ़ती है।
  2. कॉफी: इसमें मौजूद कैफीन की वजह से थाय थायरोक्सिन दवा का अब्जोर्बशन नहीं होता है।
  3. ऑयली और फैटी फ़ूड: इनमें मौजूद कैलोरी की अधिक मात्रा हायपोथाइरॉयडिज्म को बढ़ाती है।
  4. मीठी चीजें: इससे बॉडी के मेटाबोलिज्म पर असर पड़ता है. हायपोथाइरॉयडिज्म की प्रोब्लम बढती है।
  5. ब्रोकली: इनसे नार्मल फंक्शन के लिए जरूरी आयोडीन अब्जोर्बशन की क्षमता घट जाती है।
  6. सीफूड: इसमें आयोडीन होता है जो हायपोथाइरॉयडिज्म की प्रोब्लम बढ़ाता है. हायपरथाइरॉयडिज्म पर न खाएं ये चीजें।
  7. रिफाइंड फ़ूड: इससे ब्लड शुगर और हार्मोन का लेवल बिगड़ सकता है. प्रोब्लम बढ़ सकती है।
  8. रेड मीट: इससे हायपोथाइरॉयडिज्म के कारण होने वाली इन्फ्लेमेशन की प्रोब्लम बढ़ सकती है।
  9. अल्कोहल: इससे एनर्जी लेवल कम होता है और हायपोथाइरॉयडिज्म की प्रोब्लम बढती है।

थायराइड की समस्या को ठीक करने के आयुवेर्दिक उपाय :

  1. आँवला चूर्ण और शहद : आपको लग रहा होगा की आँवला चूर्ण और शहद एक साधारण सा नाम है लेकिन आपको बता दूँ की मैंने अभी तक जितने भी थाइरॉइड से ग्रसित रोगी थे उनको यह उपाय बताया और सत्-प्रतिशत परिणाम मिला, इसका असर 10-15 दिनों में आपको महसूस होने लगेगा। आप सुबह उठते ही खाली पेट एक चम्मच शहद (ऑर्गेनिक शहद) में 5-10 ग्राम आँवला चूर्ण को मिक्स कर ऊँगली से चाटे यही प्रक्रिया रात को खाना खाने के 2 घंटे बाद या सोते वक़्त दोहराये, परिणाम आपके सामने होगा बेहद आसान उपाय है लेकिन अचूक कारगर है जो मोटापे को भी कंट्रोल करता है। आप अपना अनुभव औषधि सेवन के कुछ दिन बाद हमे जरूर बताये। अखरोट भी इस बीमारी के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। 
  2. अदरक : अदरक में मौजूद गुण जैसे पोटेशियम, मैग्नीश्यिम आदि थायराइड की समस्या से निजात दिलवाते हैं। अदरक में एंटी-इंफलेमेटरी गुण थायराइड को बढ़ने से रोकता है और उसकी कार्यप्रणाली में सुधार लाता है।
  3. दही और दूध का सेवन : थायराइड की समस्या वाले लोगों को दही और दूध का इस्तेमाल अधिक से अधिक करना चाहिए। दूध और दही में मौजूद कैल्शियम, मिनरल्स और विटामिन्स थायराइड से ग्रसित पुरूषों को स्वस्थ बनाए रखने का काम करते हैं।
  4. मुलेठी का सेवन : थायराइड के मरीजों को थकान बड़ी जल्दी लगने लगती है और वे जल्दी ही थक जाते हैं। एैसे में मुलेठी का सेवन करना बेहद फायदेमंद होता है। मुलेठी में मौजूद तत्व थायराइड ग्रंथी को संतुलित बनाते हैं। और थकान को उर्जा में बदल देते हैं। मुलेठी थायराइड में कैंसर को बढ़ने से भी रोकता है।
  5. गेहूं और ज्वार का इस्तेमाल : थायराइड ग्रंथी को बढ़ने से रोकने के लिए आप गेहूं के ज्वार का सेवन कर सकते हो। गेहूं का ज्वार आयुर्वेद में थायराइड की समस्या को दूर करने का बेहतर और सरल प्राकृतिक उपाय है। इसके अलावा यह साइनस, उच्च रक्तचाप और खून की कमी जैसी समस्याओं को रोकने में भी प्रभावी रूप से काम करता है।
  6. साबुत अनाज : जौ, पास्ता और ब्रेड़ आदि साबुत अनाज का सेवन करने से थायराइड की समस्या नहीं होती है क्योंकि साबुत अनाज में फाइबर, प्रोटीन और विटामिन्स आदि भरपूर मात्रा होता  है जो थायराइड को बढ़ने से रोकता है।
  7. फलों और सब्जियों का सेवन : थायराइड की परेशानी में जितना हो सके फलों  और सब्जियों का इस्तेमाल करना चाहिए। फल और सब्जियों में एंटीआक्सिडेंटस होता है। जो थायराइड को कभी बढ़ने नहीं देता है। सब्जियों में टमाटर, हरि मिर्च आदि का सेवन करें।
  8. आयोडीन का प्रयोग : हाल ही में हुए नए शोध में यह बात सामने आई है कि आयोडिन में मौजूद पोषक तत्व थायराइड ग्रंथी की कार्यप्रणाली को ठीक रखता है।
  9. गले को दें ठंडी गर्म सेंक : थायरइड की समस्या में गले को ठंडी-गर्म सेंक देने से फायदा मिलता है। इसके लिए आप गर्म पानी को एक बोतल में भर लें और अलग से ठंडे पानी को किसी बर्तन में भर लें। ठंडे पानी में एक तौलिया भी भिगों लें।और इसे इस तरह से गर्दन की सिकाई करें। तीन मिनट गर्म पानी से सिकाई और फिर एक मिनट तक ठंण्डे पानी से सिकाई। एैसा आप तीन बार करें। और चौथी बारी में तीन मिनट ठण्डी और तीन मिनट गर्म पानी की सेंक करें। इस उपाय को आप दिन में कम से कम दो बारी जरूर करें।
  10. योग : योग के जरिए भी थाइराइड की समस्या से निजात पाया जा सकता है। आपको भुजंगासन, ध्यान लगाना, नाड़ीशोधन, मत्स्यासन, सर्वांगासन और बृहमद्रा आदि करना चाहिए।
  11. एक्युप्रेशर : थायराइड को एक्यूप्रेशर के जरिए भी ठीक किया जा सकता है। एक्युप्रेशर में पैराथायराइड और थयरायड के जो बिंदू होते हैं वे पैरों और हाथों के अंगूठे के नीचे और थोड़े उठे हुए भाग में मौजूद रहते हैं । आपको इन बिंदुओं को बाएं से दाएं ओर प्रेशर यानि दबाना चाहिए।  हर बिंदु को कम से कम तीन मिनट तक दबाएं। इस उपाय को हर रोज कम से कम दो बारी जरूर करें।
  12. बृहमद्रासन : इस आसन में सीधा बैठकर अपनी गर्दन को दांए-बाएं और उपर-नीचें चलाएं।

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1 Comment

  1. Julia
    May 24, 2019 / 6:52 am

    Thyroid is a small butterfly type gland in the back of neck. It plays very important role in the whole development of a person. Most of the people are suffering with thyroid disorders. Liked the way you have framed this article and gave information on various tips.

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