fbpx

छींक रोकना है बहुत खतरनाक, जा सकती है जान, इसे पढने के बाद कभी छींक नही रोकोगे क्योंकि इसके कई फायदे है

  • छींक (Sneeze) शरीर में प्रवेश करने वाले संक्रमण से बचने का एक प्राकृतिक तरीका है। जब हम छींकते हैं तो शरीर में प्रवेश करने की कोशिश करने वाले बैक्टीरिया या हानिकारक कण 160 किमी/घंटा की गति से बाहर आ जाते हैं। इस तरह छींक आपको गंभीर संक्रमण से बचाती है। अगर हम छींक को रोकते हैं तो हमारी जान भी खतरे में आ सकती है। छींक रोकने से जो दबाव आता है वह शरीर के अन्य अंगों जैसे कान, ब्रेन, गर्दन, डायफ्राम आदि को ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है।

छीक क्या है?

  • छींक वह क्रिया है जिसमें फेफड़ों से हवा नाक और मुह के रास्ते अत्यधिक तेजी से बाहर निकाली जाती है। यह एक अर्ध-स्वायत्त (semi-autonomous) क्रिया है।
  • छींक आमतौर पर तब आती है जब हमारी नाक के अंदर की झिल्ली, किसी बाहरी पदार्थ के घुस जाने से खुजलाती है। नाक से तुरंत हमारे मस्तिष्क को संदेश पहुंचता है और वह शरीर की मांसपेशियों को आदेश देता है कि इस पदार्थ को बाहर निकालें. छींक जैसी मामूली सी क्रिया में कितनी मांसपेशियां काम करती हैं।
  • पेट, छाती, डायफ़्राम, वाकतंतु, गले के पीछे और यहां तक कि आंखों की भी. ये सब मिलकर काम करती हैं और पदार्थ बाहर निकाल दिया जाता है। कभी-कभी एक छींक से काम नहीं चलता तो कई छींके आती हैं। जब हमें ज़ुकाम होता है तब छींकें इसलिए आती हैं क्योंकि ज़ुकाम की वजह से हमारी नाक के भीतर की झिल्ली में सूजन आ जाती है और उससे ख़ुजलाहट होती है।

हम छीक कब रोकते हैं?

  • जब हम किसी सार्वजनिक स्थान पर या ऐसे स्थान पर होते हैं जहाँ छींकना लज्जाजनक हो सकता है वहां हम अपनी छींक को रोकते हैं। छींक को रोकना दिखने में बहुत अच्छा और सभ्य लगता है क्योंकि इससे दूसरों का बचाव होता है। हालाँकि यह आपके स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं होता। छींक को कभी भी न रोकें क्योंकि इससे जान को खतरा हो सकता है।
  • यदि आपको छींकने में शर्म महसूस हो रही हो तो अपनी नाक पर रुमाल रख लें तथा फिर छींकें। आप छींकने का तरीका भी बदल सकते हैं जैसे बहुत धीमी आवाज़ में छींके। आप अपने हाथ से भी नाक और मुंह को ढंक सकते हैं। इस प्रकार से आप महसूस करेंगे कि आपका छींकने का तरीका अनुचित नहीं है।

छींक को रोकने के नुकसान 

  1. खत्म हो सकती है सुनने की शक्ति : छींक के कारण नाक से 160 किमी/घंटा की गति से हवा निकलती है। जब आप छींक को रोकते हैं तो दबाव शरीर के अन्य भागों की ओर चला जाता है जिससे आपको सुनाई देना बंद हो सकता है।
  2. रोगाणु शरीर के अंदर रह जाते हैं : छींक शरीर में प्रवेश करने वाले हानिकारक बैक्टीरिया को रोकने का काम भी करती है। अगर आप अपनी छींक रोकते हैं तो ये रोगाणु शरीर के अंदर ही रह जाते हैं और बीमारी का कारण बनते हैं। 
Loading...
Share:

Leave a Reply

Your e-mail address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!