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इन तीनों का एक साथ सेवन करने से कभी कैल्शियम और ख़ून की कमी नही होगी, ये अस्थमा, कैन्सर और ह्रदय के लिए किसी वरदान से कम नही

नमस्कार दोस्तों एकबार फिर सेआपकाAll Ayurvedic में स्वागत है आज हम आपको गाजर, शलजम, पत्ता गोबी इन तीनों के मिश्रण से होने वाले चमत्कारी फ़ायदों के बारे में बताएँगे।  शलजम बहुत कम कैलोरी वाली सब्जी है। इसे एंटी-ऑक्‍सीडेंट, मिनरल और फाइबर का बहुत अच्‍छा स्रोत माना जाता है। इसमें मौजूद विटामिन सी शरीर के लिए आवश्‍यक और शक्तिशाली घुलनशील एंटी-ऑक्सीडेंट है।

  • इसका सेवन शरीर में इम्‍यूनिटी को बढ़ाता है और हानिकारक फ्री रेडिकल्‍स, कैंसर और सूजन से शरीर की रक्षा करता है। इसमें कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। शलजम की सब्जी किसी भी तरह के रोगियों को बिना किसी डर के सेवन कराई जा सकती है।

चुकन्दर या गाजर की अपेक्षा में शलगम में शर्करा कम मात्रा में पाई जाती है। इसमें कैल्शियम भरपूर मात्रा में होता है। शलगम की सब्जी किसी भी तरह के रोगियों को बिना किसी डर के सेवन कराई जा सकती है।

सामग्री :

  • 1 कप शलगम के रस
  • 1 कप गाजर के रस
  • 1 कप पत्ता गोभी के रस 

दवा बनाने की विधि : 

  1. 1 कप शलगम के रस, 1 कप गाजर के रस और 1 कप पत्ता गोभी के रस में आधा कप सेम की फली का रस मिलाकर दिन में 3 बार रोगी को पिलाना चाहिए। इसको पीने से कुछ ही दिनों में ख़ून बढ़ाए, केल्शियम की कमी दूर करे, दमा, खांसी, सीने की जकड़न, तथा कफ बनना आदि रोग नष्ट हो जाते हैं। ये ह्रदय रोग और कैन्सर जैसी बीमारियों को दूर रखने में कारगर है।
  2. शलगम, गाजर, पत्तागोभी तथा सेम की फली का रस एकसाथ मिलाकर इसमें थोड़ा सा सेंधानमक डालकर सेवन करने से दमा या श्वास रोग ठीक हो जाता है।
  3. बंदगोभी, गाजर, सेम और शलगम का रस मिलाकर सुबह-शाम 2 सप्ताह तक रोजाना पीने से दमा रोग में लाभ होता है।
  4. 1 कप शलगम का रस लेकर गर्म करें। इस रस में थोड़ी सी शक्कर मिलाकर सेवन करने से दमा रोग ठीक हो जाता है।
  5.  शलगम, बंदगोभी, गाजर और सेम का रस मिलाकर सुबह-शाम 2 सप्ताह तक पीने से हृदय रोग (दिल के रोग) में लाभ होता है।
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