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दिवाली के दिन श्रीगणेश और माता लक्ष्मी की पूजा एक साथ क्यों की जाती है, पोस्ट शेयर ज़रूर करें

मां दुर्गा सुख, समृद्धि और धन की देवी हैं। और बुद्धि, सफलता और समृद्धि के भगवान देवी-देवताओं में प्रथम पूज्य भगवान श्री गणेश का माना गया है। हिंदू धर्म में सांसारिक समृद्दि के लिए अलग-अलग देवताओं मौजूद हैं।

श्रीगणेश जी को अत्यंत बुद्धिमान देवता माना जाता है। हिंदू पौराणिक कहानी के अनुसार एक बार कार्तिकेय ( श्रीगणेश के बड़े भाई) और श्रीगणेश ने पूरी पृथ्वी की परिक्रमा लगाने की शर्ते रखी। उन्होंने निर्णय लिया जो सबसे पहले आएगा वही सबसे ज्यादा बुद्धिमान माना जाएगा।

कार्तिकेय अपने वाहन मोर से पृथ्वी का चक्कर लगाने के लिए चले गए। लेकिन श्रीगणेश का वाहन चूहा है। उन्होंने कैलाश पर्वत पर ही मां पार्वती और पिता शिव की परिक्रमा की। जब कार्तिकेय कैलाश पर आए तो उन्होंने श्रीगणेश को पहले से पाया। तब भगवान शिव और माता पार्वती ने श्रीगणेश की बुद्धिमत्ता को देखते हुए उन्हें सभी देवों में प्रथम पूज्य और बुद्धिमान घोषित किया गया।   www.allayurvedic.org

इस घटना के बाद भगवान श्रीगणेश बुद्धि के प्रतीक बन गए। श्रीगणेश की पूजा हर शुभकार्य में सबसे पहले होती है। चाहे आप अपने उद्योग का शिलान्यास करें या फिर नए घर की नींव रखें। श्रीगणेश सर्वप्रथम पूज्य होते हैं। लेकिन हमें यह सब कुछ पाने के लिए धन, सफलता और समृद्धि की जरूरत होती है।

यह सभी देवी लक्ष्मी प्रदान करती हैं। इसलिए दिवाली के दिन श्रीगणेश और माता लक्ष्मी की पूजा एक साथ की जाती है।

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