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पेनिसिलीन से भी 10 गुना ज़यादा शक्तिशाली है ये औषधि.! शरीर को हर प्रकार के संक्रमण और बैक्टीरिया से दिलाएगी मुक्ति.!!!

  • जब मौसम बदलता है तो अक्सर एलर्जी ,जुकाम जैसी परेशानियाँ शुरू हो जाती है | इसे में एंटीबायोटिक्स एक हद तक संक्रमण से लड़ने और बैक्टीरिया को शारीर पर हमला करने से रोकते हैं |
  • मगर इन परम्परागत एंटीबायोटिक्स से शरीर पर होने वाले दुष्प्रभाव भी एक चिंता का विषय हैं | लेकिन एक अच्छी खबर ये है के पेंस्लीन से 10 गुना बेहतर एंटीबायोटिक् आपकी रसोई में ही मौजूद है और वो भी बिना किसी दुश प्रभाव के | 
  • ये औषधि साँस से जुडी समस्याओं जैसे खांसी, दमा ,गले में खराश ,सर्दी और साँस लेने में तकलीफ होना के लिए बेहद लाभकारी है | ये क्रोनिक ब्रोन्काइटिस से भी राहत दिलाती है और बनाने में बहुत ही आसान है | 

➡ सामग्री :

  1. लहसुन की कलियाँ 7-8
  2. 1/2 कप पानी
  3. 1/4 कप सेब का सिरका
  4. 1/2 कप आर्गेनिक शहद

➡ इस्तेमाल किये जाने वाले पदार्थों के फायदे :

  • लहसुन : लहसुन में जीवाणुरोधी और antiviral गुण पाए जाते हैं जो श्वास से जुडी समस्याओं को प्रभावशाली तरीके से ठीक करते हैं | ये आपके रोगप्रतिरोधक क्षमता को बड़ा कर जीवाणुओं और किसी भी प्रकार के संक्रमण से लड़ने में मदद करता है | इसमे पाया जाने वाला allicin तत्व पेंस्लीन से 10 गुना ज़यादा शक्तिशाली है | 

  • सेब का सिरका : सेब के सिरके में antibacterial और antiviral गुण पाए जाते हैं इसके इलावा उपयोगी एन्ज़ाएम, खनिज और बैक्टीरिया पाए जाते हैं जो सम्पूर्ण सेहत के लिए बेहद लाभकारी हैं | सेब के सिरके से आपका immune system मज़बूत होगा जिस से आपको स्वास से जुडी समस्याए कम होंगी | 

  • ऑर्गेनिक शहद : शहद जीवाणुरोधी और जलन कम करने वाले गुणों से भरपूर होता है जो खांसी और गले की खराश को ठीक करता है |शहद लाभकारी खनिज,विटामिन और एंजाइम से भरपूर होता है | शहद के anti oxidant गुण आपके शरीर को विषैले तत्वों से मुक्त कर देंगे | www.allayurvedic.org

➡ सिरप तयार करने की विधि :

  • सबसे पहले लहसुन की कलियों को छोटे टुकड़ों में काट लें फिर इन कलियों को पीस लें।
  • इसके बाद बाकि की सामग्री इस में डालें और मिक्सर में पीस लें। 
  • ध्यान रखें सब चीज़ें अच्छे से आपस में मिल जानी चाहिए।
  • इस मिश्रण को कांच के बर्तन में निकाल लें और रात भर के लिए छोड़ दें।
  • अगले दिन मिश्रण को अच्छे से हिलाएं और किसी ठंडी और अँधेरे वाली जगह पर रख दें जहाँ सूरज की सीधी किरने न पड़ सकें।

➡ इस्तेमाल करने का तरीका :

  • अगर आप बीमार हैं तो हर 2 घंटे बाद 1 चमच मिश्रण लें | प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और बिमारिओं से बचने के लिए इसका 1 चमच रोजाना लें|
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