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अगर आप ज्वार के ये चमत्कारिक फायदे जान जाओगे तो अनाज के रूप में इसकी रोटियाँ खाओगे

★ अगर आप ज्वार के ये चमत्कारिक फायदे जान जाओगे तो अनाज के रूप में इसकी रोटियाँ खाओगे ★

ज्वार एक अनाज है। ज्वार के कोमल भुट्टों को भूनकर भी खाया जाता है। ज्वार बहुत ही पौष्टित और स्वादिष्ट होता है। ज्वार 2 किस्म की होती है। सफेद और लाल। ज्वार में चुपड़ी ज्वार, गुन्दगी ज्वार एवं कमलपरू नामक अन्य किस्म भी होती हैं। गुन्दली ज्वार में पोषक तत्त्व होते हैं। कमलपरू के ने कुछ लालिमा लिए हुए रहते हैं। ज्वार में पोषक तत्त्व और चर्बी की मात्राबाजरेके बराबर ही है। ज्वार शीतल और रूक्ष होने के कारण वायुकारक है।
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• रंग : ज्वार का रंग पीला, भूरा लाल व सफेद होता है।

• स्वाद : इसका स्वाद फीका होता है।

• स्वरूप : ज्वार एक अनाज है जोकि काफी मशहूर है।

• स्वभाव : यह शीतल व ठण्डा होता है।

• हानिकारक :ज्वार बादी पैदा करता है। कमजोर और वात प्रकृति के लोगों को ज्वार का सेवन नहीं करना चाहिए।

• दोषों को दूर करने वाला : ज्वार के संग गुलकन्द मिलाकर सेवन करने से ज्वार के दोष दूर हो जाते हैं।

• तुलना : ज्वार की तुलना हम मक्का से कर सकते हैं।

• गुण : यह मल को रोकता हैं। रुचि को बढ़ाता है। यह वीर्यवर्द्धक, मलस्तम्भक, पित्तकफनाशक है।

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★ विभिन्न रोगों में सहायक :

1. जलन: ज्वार का आटा पानी में घोलकर शरीर पर लेप करने से शरीर की जलन दूर हो जाती है।

2. प्यासज्वार की रोटी को प्रतिदिन छाछ में भिगोकर खाएं। इससे अधिक प्यास लगना कम होता है।

3. बवासीर (अर्श): ज्वार की रोटी खाने से मस्से सूख जाते हैं और बवासीर से आराम मिलता है।

4. मासिक-धर्म विकारज्वार के भुट्टे को जलाकर छान लें। इस राख को 3 ग्राम की मात्रा में पानी से सुबह के समय खाली पेट मासिक-धर्म चालू होने से लगभग एक सप्ताह पहले देना चाहिए। जब मासिक-धर्म शुरू हो जाए तो इसका सेवन बन्द कर देना चाहिए। इससे मासिक-धर्म के सभी विकार नष्ट हो जाते हैं।

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5. प्यास अधिक लगना: ज्वार की रोटी को छाछ में भिगोकर खाने से प्यास लगना कम होता है। ज्वार की रोटी कमजोर और वात पित्त के रोगी को न दें।

6. पेट के अन्दर सूजन और जलन:

  • ज्वार के आटे को पानी में मिलाकर गाढ़ा-गाढ़ा उबालकर रात को सोने से पहले रख लें, उसमें सफेद जीरा को छाछ के साथ मिलाकर पीने से पेट की जलन कम होती है।
  • भुनी हुई ज्वार बताशों के साथ खाने से पेट की जलन कम हो जाती है।

7. शरीर में जलन: ज्वार के आटे को पानी में घोल लें और शरीर पर लेप करें। इससे शरीर की जलन मिट जाती है।

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