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अनार का जूस : प्लीहा,यकृत,दस्त तथा पेचिश

अनार का जूस

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रोज एक गिलास अनार का जूस पीजिए। अनार का रस पेट पर जमी चर्बी तथा कमर पर
टायर की तरह लटकते मांस को कम
करने में मददगार साबित हो सकता है।

* अपच : यदि आपको देर रात की पार्टी से अपच हो गया है तो पके अनार का रस चम्मच, आधा चम्मच सेका हुआ जीरा पीसकर तथा गुड़ मिलाकर दिन में तीन बार लें।

* प्लीहा और यकृत की कमजोरी तथा पेटदर्द अनार खाने से ठीक हो जाते हैं।
* दस्त तथा पेचिश में : 15 ग्राम अनार के सूखे छिलके और दो लौंग लें। दोनों
को एक गिलास पानी में उबालें। फिर पानी आधा रह जाए तो दिन में तीन बार
लें। इससे दस्त तथा पेचिश में आराम होता है।
* अनार कब्ज दूर करता है, मीठा होने पर पाचन शक्ति बढ़ाता है। इसका शर्बत एसिडिटी को दूर करता है।
* अत्यधिक मासिक स्राव में : अनार के सूखे छिलकों का चूर्ण एक चम्मच फाँकी सुबह-शाम पानी के साथ लेने से रक्त स्राव रुक जाता है।
* मुँह में दुर्गंध : मुँह में दुर्गंध आती हो तो अनार का छिलका उबालकर
सुबह-शाम कुल्ला करें। इसके छिलकों को जलाकर मंजन करने से दाँत के रोग दूर
होते हैं।
* अनार आपका मूड अच्छा करता है और साथ ही याददाश्त बढ़ाता है। तनाव से भी आपको निजात दिलाता है।

* अनार का रस वृद्धावस्था में सठिया जाने के रोग की संभावना भी घटाता है।
* अनार में लोहा की भरपूर मात्रा होती है, जो रक्त में आयरन की कमी को पूरा करता है।
* अनार के जूस को खाली पेट मे पी सकते है और यह सफेद दाग मे यह फायदा करता है
* उच्च रक्तचाप को घटाता है, सूजन और जलन में राहत पहुँचाता है, गठिया और
वात रोग की संभावना घटाता और जोड़ों में दर्द कम करता है, कैंसर की रोकथाम
में सहायक बनता है, शरीर के बुढ़ाने की गति धीमी करता है और महिलाओं में
मातृत्व की संभावना और पुरुषों में पुरुषत्व बढ़ाता है। अनार को त्वचा के
कैंसर, स्तन-कैंसर, प्रोस्टेट ग्रंथि के कैंसर और पेट में अल्सर की संभावना
घटाने की दृष्टि से भी विशेष उपयोगी पाया गया है।
* बच्चों की खाँसी, अनार के छिलकों का चूर्ण आधा-आधा छोटा चम्मच शहद के साथ सुबह-शाम चटाने से मिट जाती है।
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हानिकारक
सभी प्रकार के अनार शीत प्रकृति वालों के लिये हानिकारक होता है। मीठा अनार
बुखार वालों को खट्टा
और फीका अनार सर्द मिजाज वालों के लिए हानिकारक हो
सकता है।

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