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अपनी आँतों की सफाई कर ज़िन्दगी भर रहें निरोग, ये है तरीका


  • इस बात से तो आप सभी सहमत होंगे की पेट हमारे शरीर का सबसे अहम् हिस्सा है। पेट में अगर किसी भी तरह की दिक्कत हो तो उससे हमारा पूरा बॉडी सिस्टम ईफेक्ट होता है। आजकल पेट और आँतों से जुडी समस्याएं आम होगयी है, लोग गलत लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से आये दिन किसी ना किसी समस्या से आहत जरूर रहते हैं।
  • आज हम आपको कुछ ऐसे कारगर नुस्खे बताने जा रहे हैं जिसे अपना कर आप अपने पेट और आंत में जमी सारी गंदगी को बस कुछ ही दिनों में बाहर निकाल सकते हैं और एक स्वस्थ जीवन की तरफ अपना कदम बढ़ा सकते हैं। आयुर्वेद में भी बताया गया है की इंसान के शरीर में होने वाली तमाम बीमारियों का जड़ पेट और आंत में जमी हुई गंदगी ही होती है। पेट की गंदगी को दूर करने के लिए आँतों की सफाई भी सबसे जरूरी है। इन नुस्कों को आजमाकर आप भी अपने पेट और आँतों में जमी गंदगी को बाहर निकाल सकते हैं। आप लोगों ने कहीं न कहीं ये बात तो सुनी ही होगी की अगर आपका पेट और आपका पाचनतंत्र ठीक तो आपका शरीर ठीक , आयुर्वेद के अनुसार अगर आप हर 15 दिन में अपने आँतों की सफाई करते हैं तो आपको ऐसे 88 प्रकार की बीमारियाँ हैं जो आपको कभी भी नहीं होंगी |
कैसे करें अपने आँतों की सफाई

  • आँतों को साफ़ करने का सबसे अच्छा और आसान उपाय हम आपको बताने जा रहे हैं और यह भी बताने वाले हैं की कैसे इसका प्रयोग करना है | आपको इसके लिए त्रिफला चूर्ण की ज़रूरत पड़ेगी जो आपको किसी भी स्टोर पर मिल जाएगी | सबसे पहले 1 चमच त्रिफला चूर्ण ले लें और रात में खाना खाने के 1 घंटे के बाद उस चूर्ण को ठन्डे पानी के साथ पी जाएँ | सुबह जब उठेंगे तो आपको बहुत जोर की लगी होगी और आपका पूरा पेट सुबह साफ़ हो जाएगा|इसका प्रयोग हर 15 दिन में करना है और इसका कोई भी नुक्सान आपके शरीर को नहीं होता है इसलिए आज रात से ही इसे आजमा कर ज़रूर देखें और हमेशा निरोग रहें |


आँतो में जमी गंदगी को साफ करने के घरेलू उपाय 
  1. आंत हमारे पाचन तंत्र का एक ऐसा अहम् हिस्सा है जो शरीर के सारे विषाक्त पदार्थों को निकालकर शरीर को बहुत सी बीमारियों से बचाता है। आंत में जमी गंदगी को दूर करने के लिए आप रोज कम से कम 8 से 10 ग्लास पानी जरूर पिएं। पानी आंत की सफाई के लिए दवा का काम करता है और शरीर के सारे अशुद्ध पदार्थों को बाहर निकाल शरीर को सभी रोगों से मुक्त रखता है।
  2. पुरानी आंव या आंतों की सूजन में 100-100 ग्राम बेल का गूदा, सौंफ, ईसबगोल की भूसी और छोटी इलायची को एक साथ पीसकर पाउडर बना लेते हैं। अब इसमें 300 ग्राम देशी खांड या बूरा मिलाकर कांच की शीशी में भरकर रख देते हैं। इस चूर्ण की 2 चम्मच मात्रा सुबह नाश्ता करने के पहले ताजे पानी के साथ लेते हैं और 2 चम्मच शाम को खाना खाने के बाद गुनगुने पानी या गर्म दूध के साथ 7 दिनों तक सेवन करने से लाभ मिल जाता है। लगभग 45 दिन तक यह प्रयोग करने के बाद बंद कर देते हैं। इससे सुबह पेट साफ़, कब्ज, पुरानी आंव और आंतों की सूजन के रोग दूर हो जाते हैं।
  3. ईसबगोल की मात्रा 6 ग्राम, को 250 मिलीलीटर गुनगुने दूध के साथ सोने से पहले पी लें। कभी-कभी ईसबगोल की भूसी लेने से पेट फूल जाता है। ऐसा बड़ी आंतों में ईसबगोल पर बैक्टीरिया के प्रभाव से पैदा होने वाली गैस से होता है। इसलिए ध्यान रखें कि ईसबगोल की मात्रा कम से कम ही लें। ईसबगोल के प्रयोग से आंतों की कार्यशीलता बढ़ जाती है, जिससे मल ठीक से बाहर निकल आता है और कब्ज दूर हो जाती है। ईसबगोल लेने के बाद दो-तीन बार पानी पीना चाहिए। इससे ईसबगोल अच्छी तरह फूल जाता है।
  4. शरीर की गंदगी को दूर करने के लिए शहद भी रामबाण का काम करता है। रोज सुबह गुनगुने पानी में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से शरीर में मौजूद सभी विषैले पदार्थ निकल जाते हैं और बॉडी का मेटाबोलिज्म रेट भी बढ़ जाता है। ये आँतों की गंदगी दूर करने में सबसे ज्यादा असरदार साबित होता है।
  5. आँतों की गंदगी को दूर करने के लिए आप रोज सुबह एक ग्लास एप्पल जूस के साथ 2 चम्मच नीबू का रास मिलकर भी पी सकते हैं। इससे आपके शरीर के सारे विषाक्त पदार्थ तो बाहर होंगे ही साथ ही साथ शरीर स्वस्थ और तंदुरुस्त रहेगा। दिन की शुरुवात अगर एप्पल जूस के साथ की जाए तो निश्चित तौर पर आंत की सफाई होती है और शरीर एकदम स्वस्थ रहता है।
  6. शरीर में जमे टॉक्सिन को बाहर निकालने के लिए रोज सुबह एक ग्लास पानी में 2 चम्मच एलोवेरा जूस मिलाकर पीने से भी काफी फ़ायदा होता है। एलोवेरा जूस बॉडी को हमेशा हाइड्रेट रखता है और शरीर के फैट को भी कम करने में मदद करता है। इस जूस को पानी के साथ रोज सुबह लेने से व्यक्ति कभी भी किसी प्रकार के पेट या अंत से जुड़ी बीमारियों से ग्रसित नहीं हो सकता।
  7. इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति हमेशा ही पेट या आंत से जुड़ी समस्याओं से ग्रसित रहता है तो उसे हमेशा भोजन के साथ दही का उपयोग खाने में जरूर करना चाहिए। दही को पेट और आंत के लिए सबसे उत्तम भोज्य पदार्थ माना गया है, इसका सेवन व्यक्ति के सारे अंदरूनी समस्याओं का समाधान है।
पेट और आँतो में कीड़े के लिए घरेलू नुस्खे :

1. नींबू :

  • नींबू के बीजों को पीसकर चूर्ण बना लें, इस चूर्ण थोड़ी-सी मात्रा में गर्म पानी के साथ 7 दिन तक सेवन करने से कीड़ें मर जाते हैं।
  • बिजौरा नींबू के सूखे छिलकों का काढ़ा बनाकर पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
  • नींबू के रस को सेवन करने से आंतों के अन्दर टायफायड (मियादी बुखार), अतिसार (दस्त), हैंजा (विशूचिका) आदि में लाभ मिलता है।
  • नींबू का रस का सेवन करने से पेट के कीड़े मर जाते है और आमवात की शिकायत कम होती है।
  • 10 मिलीलीटर नींबू के पत्तों का रस और 10 ग्राम शहद मिलाकर 15-20 बार 1 दिन में पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

2. गाजर :

  • गाजर का रस 125 मिलीलीटर रोज खाली पेट 14 दिन तक सेवन करने से पेट के कीड़ें मरकर मल के द्वारा बाहर निकल जाते हैं।
  • कच्ची गाजर को 7 दिनों तक खाने से भी पेट के कीड़ों से छुटकारा मिलता है।
  • गाजर का 125 मिलीलीटर रस खाली पेट पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

3. लहसुन :

  • लहसुन और गुड़ को बराबर मात्रा में लेकर खाने से पेट के कीड़ें मर जाते हैं।
  • लहसुन की चटनी बनाकर उसमें थोड़ा-सा सेंधा नमक को मिलाकर सुबह और शाम खाने से पेट के कीड़ों से राहत मिलती है।
  • पेट में कीड़े होने पर 5 कली लहसुन की शहद या मुनक्का के साथ रोज दिन में 3 बार खानें से पेट के कीड़े मर जाते है। यह प्रयोग 2 से 3 महिनों तक करें अवश्य लाभ मिलेगा।
  • लहसुन की एक फली को पपीते के सूखे हुए थोड़े-से बीजों को पीसकर चटनी बनाकर मरीज को खिलाने से पेट के कीड़े मरकर मल के द्वारा बाहर निकल जाते हैं।
  • 1 पुती (एक फली) लहसुन को देशी घी में भुनकर, आधा चम्मच अजवायन का चूर्ण और 10 ग्राम पुराने गुड़ को मिलाकर दिन में 4 बार खाने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।

4. शहतूत :

  • शहतूत के पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
  • 100 ग्राम शहतूत को खाने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
  • शहतूत 20 ग्राम और 20 ग्राम खट्टे अनार के छिलके को उबालकर पीने से पेट के कीड़ें नष्ट हो जाते हैं।
  • शहतूत के पेड़ की जड़ को पानी में उबालकर सेवन करने से आंतों के कीड़े समाप्त होते हैं।

5. आंवला :

  • आधा चम्मच आंवले का रस 2 से 3 दिन तक पिलाने से पेट के कीड़ों में आराम देता है।
  • ताजे आंवले का लगभग 60 मिलीलीटर रस को 5 दिन तक पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

6. अनार :

  • अनार की जड़ की छाल 50 ग्राम को 250 मिलीलीटर पानी में उबाल लें, जब पानी 100 मिलीलीटर की मात्रा में बच जाऐ, तब इस बने काढे़ को दिन में 3-4 दिन बार पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
  • 3 ग्राम अनार के छिलकों का चूर्ण दही या छाछ के साथ सेवन करें।
  • अनार की जड़ की छाल 50 ग्राम को 250 मिलीलीटर पानी में उबाल लें, जब पानी 100 मिलीलीटर की मात्रा में बच जाऐ, तब इस बने काढे़ को दिन में 3-4 दिन बार पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
  • 3 ग्राम अनार के छिलकों का चूर्ण दही या छाछ के साथ सेवन करें।

7. अजवायन :

  • सूखी अजवायन को पीसकर प्राप्त हुए चूर्ण को 1 से 2 ग्राम को खुराक के रूप में छाछ के साथ पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
  • 4 ग्राम अजवायन के बारीक चूर्ण को 1 गिलास छाछ के साथ पीने या अजवायन के तेल की लगभग 7 बूंदों को प्रयोग करने से लाभ होता है।
  • 4 से 5 बूंद अजवायन के रस को पानी में डालकर सेवन करने से आराम मिलता है।
  • 2 चुटकी अजवायन को गुड़ के साथ प्रयोग करें पेट के कीड़ों में लाभ मिलेगा।

8. पपीता :

  • पपीते के 5-7 बीजों को ताजे पानी के साथ 5 दिन तक सेवन करने से पेट में कीड़ो के कारण होने वाला दर्द कीड़ों के मरने के साथ मिट जाता है।
  • पपीता के बीजों को पीसकर चूर्ण बनाकर दो चुटकी खुराक के रूप में दिन में 3 बार पानी के साथ पीने से लाभ होता है।
  • पपीते के 10 बीजों को पानी में पीसकर चौथाई कप पानी में मिलाकर पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। ऐसा प्रयोग लगातार 7 दिन तक करें।
  • 10 से 15 पपीते के बीज को पानी में पीसकर 7 दिनों तक खाने से लाभ होता हैं।

9. नीम :

  • नीम के पेड़ की छाल को उतारकर बारीक पीसकर चूर्ण बना लें, इस बनें चूर्ण की 2 ग्राम को खुराक के रूप में हींग और शहद के साथ सेवन करने से पेट के कीड़ें समाप्त हो जाते हैं।
  • नीम के पेड़ की छाल, इन्द्रजौ और बायबिडंग के चूर्ण को 2 ग्राम, भुनी हींग 250 ग्राम को शहद के साथ मिलाकर दिन में सुबह और शाम सेवन करने से आंतों के कीड़ों मल के द्वारा बाहर निकल जाते हैं।
  • सब्जी या बैंगन के साथ नीम के 8-10 पत्तों को छौंक कर खाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
  • एक मुट्टी पत्तों का काढ़ा बनाकर 20 मिलीलीटर की मात्रा में खाली पेट 3 दिन तक पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

10. कालीमिर्च :

  • कालीमिर्च के 10 दानें और 25 ग्राम पुदीना को पीसकर 1 गिलास पानी में मिलाकर 4 दिन तक रोज पीने से लाभ होता हैं।
  • पिसी हुई कालीमिर्च एक ग्राम को छाछ के साथ पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।

क्या-क्या खाना चाहिए  :

  • केला, सरसों का साग, कांजी, मट्ठा (छाछ), शहद, हींग, नींबू का रस, पुराने चावल, मूंग, अरहर और मलका की दाल, साबूदाना, बथुआ, करेला, परवल,तोरई, लौकी, अनार, कच्चा आंवला, संतरा, अनन्नास का रस, अदरक की चटनी, सेब, राई, मुनक्का, अजवाइन का रस, हींग, जीरा, धनिया, कड़वे चटपटे और कफनाशक पदार्थ का प्रयोग रोगी को खाने में करना चाहिए।

इन चीज़ों का सेवन ना करे :

  • बेसन की बनी खाने की वस्तुएं, तिल, जौ, उड़द, जौ, मोठ, पत्तेवाली सब्जी, आलू, मूली, अरबी, ककड़ी, खीरा, दही, दूध, अधिक देशी घी, खटाई, मांस, मछली, अण्डा, मुल्तानी मिट्टी, मीठी चीजों का सेवन, रात को अधिक देर बाद सोना, दिन में सोना, दिन भर बैठे रहना, बीड़ी-सिगरेट को पीना और तेल की मालिश, सड़ी और बासी वस्तु, नमकीन, अधिक सूखे और लाल मिर्ची आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।


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