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गाजर पुरुषों और महिलाओं के इन 80 गंभीर रोगों को करती है जड़ से खत्म, जानिए और शेयर करे

  • आज हम आपको गाजर खाने के स्‍वास्‍थ्‍य लाभ बताएंगे जो कि खासतौर पर पुरुषों के लिये ही हैं। जिन पुरुषों और महिलाओं की उम्र 30 के पार है। उन्‍हें जरुर गाजर का सेवन करना ही चाहिये क्‍योंकि यही वह उम्र होती है जब आप अपनी फैमिली को बढाने की सोंचते हैं। तो आइये जानते हैं कि पुरुषों और महिलाओं के लिये गाजर किस प्रकार से फायदेमंद होती है।
  • गाजर का सेवन करने से आमाशय को शक्ति मिलती है तथा दिल खुश रहता है। यह स्वभाव को कोमल करती है। यह कफ को गलाकर बाहर निकाल देती है। खांसी और सीने की जकड़न को यह दूर करती है। इसके सेवन से पेशाब खुलकर आता है। यह पथरी को गलाकर बाहर निकाल देती है। यह जलोदर को नष्ट करती है। इसका रस पागलपन से पीड़ित रोगी को पिलाना लाभकारी होता है। गाजर से बना हलवा तथा पकवान बलवर्धक तथा पौष्टिक होता है।
गाजर से मिलती है आरोग्य शक्ति 
  • लगतार काम करने के कारण से शरीर में आई कमजोरी को दूर करने के लिए गाजर का सेवन करें इससे यह कमजोरी दूर हो जाएगी। गाजर का रस पीने से पाचन संस्थान मजबूत होता है। इसके सेवन से मल की बदबू और विषैले कीटाणु नष्ट हो जाते हैं। गाजर में केरोटीन नामक जो तत्व होता है, वह कैंसर को ठीक करने में उपयोगी है। यदि लम्बी बीमारी से पीड़ित रहने के कारण से शरीर में कमजोरी उत्पन्न हो गई हो तो में गाजर का रस पीना बहुत ही लाभकारी होता है। इसके सेवन से रोगी चुस्त, तरो ताजा और शक्तिशाली बनाता है। गाजर का रस, भुना हुआ जीरा, शक्कर तथा नमक मिलाकर पीने से वातदोष दूर हो जाता है।
गाजर का सेवन किसके लिए निषेध है
  • नि:सन्देह गाजर का रस सभी रोगों को ठीक करने में बहुत ही लाभकारी होता है फिर भी जुकाम, जीर्ण ज्वर, न्यूमोनिया, या तेज बुखार में गाजर के रस का सेवन नहीं करना चाहिए। इसका कारण यह है कि रोग होने के समय शरीर के अन्दर के विषैलें द्रव्य बाहर निकालते हैं। ऐसी अवस्था में गाजर का रस या कोई भी अन्य पेय पदार्थ या फिर कोई भी आहार इस प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न करेगा लेकिन टान्सिलाइटिस, पेचिश, आंत की जलन, एनीमिया, पथरी, बवासीर, अल्सर और खून से सम्बंधित रोग आदि में गाजर का रस उपयोगी सिद्ध होता है।
गाजर का रस निकालने की विधि 
  • गाजर को मिक्सी में पीसकर रस निकाला जा सकता है या लोहे की छलनी में गोल छेद करके और फिर उसकी उल्टी तरफ गाजर को रगडे़। इससे गाजर बुरादे की तरह हो जाएगी फिर इसे कपड़े में रखकर निचोड़ने से रस निकल आता है। ऐसी चलनी और रस निकालने की मशीन बाजार से भी खरीदी जा सकती है।
  • गाजर का रस पीना बहुत अधिक लाभदायक होता है। एक गिलास गाजर का रस एक बार के भोजन के बराबर होता है। एक बार में केवल एक गिलास का रस पियें इससे अधिक नहीं। इस रस को लगातार सेवन करते रहने से दूषित और विषैले पदार्थ शरीर से बाहर निकल जाते हैं। बडे़-बडे़ असाध्य रोग यहां तक की कैंसर भी इसके सेवन से ठीक हो जाता है।
  • गाजर के प्राकृतिक गुणों को देखते हुए चिकित्सकों ने इसे गरीबों के लिए सेब के समान माना है जो लोग सेब नहीं खरीद सकते, वे गाजर खाकर उतना ही लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इससे शरीर में खून की कमी दूर हो जाती है। गाजर का रस पर्याप्त मात्रा में लेने से शरीर मोटा-ताजा और चुस्त हो जाता है।
गाजर में पाएँ जाने वाले घटक
  • गाजर में प्रोटीन, कार्बोहाईड्रेट, चर्बी, फास्फोरस, गंधक, स्टार्च तथा कैल्शियम होता है। नारंगी रंग के गाजर में केरोटीन बहुत ही अधिक मात्रा में पाया जाता है। केरोटीन विटामिन `ए´ की तरह ही काम करता है। गाजर का सेवन करने के बाद जब यकृत में इसका पाचन होता है तो विटामिन `ए´ उत्पन्न होता है। विटामिन `ए´ शरीर के लिए बहुत अधिक लाभकारी है। गाजर में फास्फोरस पाया जाता है। इसलिए इसके सेवन से आंखों को बहुत अधिक लाभ मिलता है। इसमें आयरन लौह तत्व पाया जाता है जिससे शरीर में खून वृद्धि होती है। इसमें सल्फर गंधक का तत्व पाया जाता है जिससे खून साफ होता है। यह फोड़े-फुन्सियां, खुजली, दाद और चर्म रोगों को ठीक करने में लाभकारी है।
  • डायबिटीज (मधुमेह) को छोड़कर लगभग सभी रोगों को ठीक करने में गाजर का सेवन करना लाभकारी है। गाजर खाने की तुलना में इसका रस पीना अधिक लाभदायक होता है। गाजर के रस में जीवनदायिनी शक्ति अधिक होती है। गाजर सेवन से मज्जा तन्त्र (नर्वस सिस्टम) की रक्षा होती है।
गाजर के 80 अद्भुत फायदे
  1. यकृत रोग: यकृत के रोग से पीड़ित रोगी को गाजर का रस, गाजर का सूप या गाजर का गर्म काढ़ा सेवन कराने से लाभ मिलता है।
  2. कैंसर: गाजर का रस पीने से कैंसर नष्ट हो जाता है। ल्यूकोमिया (ब्लड कैंसर) और पेट के कैंसर में यह अधिक लाभदायक होता है।
  3. अम्लरक्त: अम्लरक्त के रोग में गाजर का रस पीने से लाभ मिलता है।
  4. हृदय अधिक धड़कना: हृदय कमजोर होने पर रोजाना 2 बार गाजर का रस पीने से लाभ होता है। हृदय की धड़कन बढ़ना तथा शरीर का खून गाढ़ा होने पर गाजर का सेवन करने से लाभ मिलता है।
  5. घी, तेल, चिकनी चीजों का न पचना: 300 मिलीलीटर गाजर का रस और 150 मिलीलीटर पालक का रस मिलाकर सेवन करने से घी, तेल और चिकनी चीजें पचने लगेगी।
  6. बड़ी आंत की सूजन: बड़ी आंत में सूजन आ जाने पर रोग को ठीक करने के लिए 200 मिलीलीटर गाजर का रस, 150 मिलीलीटर चुकन्दर का रस और 150 मिलीलीटर खीरे का रस मिलाकर पीने से लाभ मिलेगा।
  7. दस्त: गाजर का सेवन करने से पुराने दस्त, अपच और संग्रहणी रोग ठीक हो जाते हैं। गाजर का अचार बनाकर सेवन करने से बढ़ी हुई तिल्ली कम हो जाती है।
  8. नाक और गले के रोग: 250 मिलीलीटर गाजर और पालक का रस रोजाना पीने से नाक और गले के रोग ठीक हो जाते हैं।
  9. दांतों के रोग: 70 मिलीलीटर गाजर का रस रोजाना पीने से मसूढ़ों और दांतों में रोग पैदा नहीं होते और दांतों की जड़ें मजबूत हो जाती है।
  10. सांस में दुर्गंध आना: गाजर, पालक और खीरे का रस बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से सांस से बदबू नहीं आती है।
  11. पेशाब में धातु का आना: 250 मिलीलीटर गाजर का रस रोजाना 3 बार पीने से पेशाब में धातु आना बंद हो जाता है।
  12. खून में लाल कणों की कमी होना: 250 मिलीलीटर गाजर का रस और पालक का रस मिलाकर पियें। इससे शरीर के खून में लाल कणों की वृद्धि होती है तथा इसके साथ ही इसके सेवन से कई प्रकार के रक्त चाप, फोड़ा, गुर्दे के रोग जैसे पेशाब बूंद-बूंद आना, पेशाब कम होना, पेशाब में सफेद पदार्थ आना, सांस की नली में सूजन, कैंसर, मोतियाबिन्द, सर्दी, जुकाम, कंठमाला (घेंघा रोग) और बवासीर आदि रोग भी दूर हो जाते हैं।
  13. पित्ताशय की पथरी: 250 मिलीलीटर गाजर का रस और सलाद के पत्तों का रस मिलाकर पीने से पथरी गलकर पेशाब के साथ बाहर निकल जाती है और रोगी को अधिक आराम मिलता है। या गाजर का रस प्रतिदिन सुबह-शाम पीयें। इससे पित्ताशय में होने वाली पथरी गलकर पेशाब के रास्ते बाहर हो जाएगी। या गाजर का रस पीने से पित्ताशय की पथरी कट-कट बाहर निकल जाती है और इसके पत्तों का सलाद इस रोग को ठीक करने के लिए उपयोग में ले सकते हैं।
  14. गुर्दे की पथरी: गुर्दे की पथरी तथा मूत्राशय की सूजन को ठीक करने के लिए तथा गुर्दो की सफाई के लिए 150 मिलीलीटर गाजर, चुकन्दर, ककड़ी या खीरे का रस मिलाकर पीने से लाभ मिलता है। गुर्दे और मूत्राशय की पथरी को गाजर का रस तोड़कर पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देता है। या गाजर का रस रोजाना 3-4 बार पीने से पथरी निकल जाती है। गाजर के बीजों को पीसकर फंकी लेने से भी पथरी गलकर बाहर निकल जाती है। या मोटी मूली को खोखला करके इसमें गाजर और शलगम के 1-1 चम्मच बीजों को भर दें। मूली के मुंह को बंद करके आग में भून लें। मूली से बीजों को निकालकर प्रतिदिन सुबह-शाम पानी के साथ 1 महीने तक खाने से पथरी का रोग ठीक होने लगता है। या गाजर, मूली तथा शलगम का बीज 5-5 ग्राम को पीसकर चटनी बना लें। प्रतिदिन सुबह-शाम 3-3 ग्राम चटनी पानी के साथ 15 दिन तक लें। इससे पथरी गलकर निकल जाती है।
  15. गुर्दे के रोग तथा सूजन: 2 चम्मच गाजर के बीज को 1 गिलास पानी में डालकर उबालकर पीने से पेशाब ज्यादा आता है जिसके फलस्वरूप गुर्दे के कई रोग ठीक हो जाता है और सूजन भी दूर हो जाती है।
  16. रक्तस्राव: गाजर किसी भी अंग से बहने वाले खून बहने से रोकती है।
  17. फोड़े-फुंसियां: फुंसियों पर बांधने से ये जल्दी ठीक होने लगते हैं। यह फोड़े- फुंसियों के जमे हुए खून को भी पिघला देती है।
  18. आग से जलना: कच्ची गाजर को पीसकर आग से जले हुए स्थान पर रखने से जलन नष्ट हो जाती है और पीब भी नहीं बनती है।
  19. सीने का दर्द: गाजरों को उबालकर उसमें शहद मिलाकर सेवन करने से सीने का दर्द समाप्त हो जाता है।
  20. घुटने का दर्द: गाजर का रस संधिवात और गठिया के रोग को ठीक करने में लाभकारी है। गाजर, ककड़ी और चुकन्दर का रस बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से जल्दी लाभ होता है।
  21. दिमागी थकान: रोजाना सुबह के समय 6-7 बादाम खाकर तथा इसके बाद 125 मिलीलीटर गाजर का रस व 500 मिलीलीटर गाय का दूध मिलाकर पीने से स्मरण शक्ति बढ़ती है जिसके फलस्वरूप दिमागी थकान भी दूर होती है।
  22. कैंसर (कर्कट) रोग: 310 मिलीलीटर गाजर का रस, मिलीलीटर ग्राम पालक का रस मिलाकर प्रतिदिन 3 बार पीने या गाजर का रस दूध में मिलाकर पीने से कैंसर को ठीक होने लगता है। या 1 गिलास गाजर के रस में 2 चम्मच शहद डालकर रोजाना सेवन करने से कैंसर रोग ठीक होने लगता है। या गाजर का रस दूध में मिलाकर पीने से सिर दर्द, बुखार और कैंसर ठीक होने लगता है तथा खून में लाल कणों की कमी भी दूर हो जाती है। या काली गाजर के रस का सेवन करने से ब्लड कैंसर, पेट के कैंसर ठीक होता है।
  23. आंत की सूजन : बड़ी आंत की सूजन को ठीक करने के लिए 180 मिलीलीटर गाजर का रस, 150 मिलीलीटर चुकन्दर का रस तथा 160 मिलीलीटर खीरे का रस मिलाकर पीने से लाभ मिलेगा।
  24. बच्चों की दुर्बलता: कमजोर बच्चे को 2-3 चाय के चम्मच गाजर का रस रोजाना पिलाने से वे हष्ट-पुष्ट हो जाते हैं। स्वस्थ बच्चों को भी गाजर का रस पिलाने से बच्चे के शरीर में ताकत की वृद्धि होती है। जिन बच्चों को जन्म से ही गाजर का रस दिया जाता है। वे कभी बीमार नहीं पड़ते हैं। दूध के साथ गाजर का रस पिलाने से बच्चों का विकास तेजी से होता है।
  25. मासिक-धर्म: यदि मासिक धर्म न आता हो तो 2 चम्मच गाजर के बीज और 1 चम्मच गुड़ को 1 गिलास पानी में उबालकर रोजाना सुबह-शाम दो बार गर्म-गर्म पियें तो इससे मासिकधर्म में होने वाला दर्द भी दूर हो जाता है।
  26. शक्तिवर्द्धक: गाजर में विटामिन-ई पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है तथा इसका सेवन करने से शरीर में शक्ति की वृद्धि होती है।
  27. कब्ज : गाजर के रस का रोजाना सेवन करने से कोष्ठबद्धता (कब्ज) दूर हो जाती है।
  28. अल्सर: गाजर के 150 मिलीलीटर रस में 100 मिलीलीटर पालक का रस और 50 मिलीलीटर गोभी का रस मिलाकर पीने से अल्सर रोग ठीक हो जाता है।
  29. खून की कमी (एनीमिया): शरीर में खून की कमी से पीड़ित रोगियों को 200 मिलीलीटर गाजर के रस में 100 मिलीलीटर पालक का रस मिलाकर पिलाने से अधिक लाभ मिलता है। 100 मिलीलीटर गाजर का रस और 30 मिलीलीटर चुकन्दर का रस मिलाकर प्रतिदिन पीयें। इससे शरीर में खून की कमी दूर होती है।
  30. मानसिक तनाव: 250 मिलीलीटर गाजर का रस रोजाना पीने से मानसिक तनाव दूर होता है आफिसों में काम करने वाले स्त्री-पुरुषों, परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों और दूसरे मानसिक कार्य करने वालो को गाजर का रस लाभकारी है।
  31. हिचकी: गाजर के रस 4-5 बूंद नाक के दोनों छेदों में डालें इससे हिचकी दूर होती है। हिचकी को दूर करने के लिए गाजर को पीसकर सूंघने से लाभ मिलता है।
  32. दांतों के रोग: 70 मिलीलीटर गाजर का रस रोजाना पीने से मसूढ़ों और दांतों में रोग पैदा नहीं होता है इससे दांतों की जड़ें मजबूत होती है।
  33. शारीरिक क्षमता बढ़ाएं : गाजर का हलवा रोज 100 ग्राम खाने से शारीरिक क्षमता बढ़ती है।
  34. दमा (सांस का रोग): गाजर का रस 180 मिलीलीटर, चुकन्दर का रस 150 मिलीलीटर, खीरा या ककड़ी का रस 125 मिलीलीटर मिलाकर पीने से दमा में अधिक लाभ होता है। दमा रोग को ठीक करने के लिए गाजर अथवा इसका रस दोनों ही लाभकारी है।
  35. बालों का सफेद होना: गाजर का रस रोजाना प्रयोग करने से बाल सफेद नहीं होते और जिसके सफेद बाल है वे काले भी होने लगते हैं। रोजाना गाजर का रस पीने से बाल काले और सून्दर तथा चमक्दार हो जाते हैं।
  36. आंखों का रोग: गाजर का रस पीने से रतौंधी, दृष्टिहीनता और आंखो के दूसरे रोग समाप्त होते है। इसमे विटामिन `ए´ भी है। गाजर के रस मे पालक का रस मिला कर सेवन करने से मोतियाबिन्द मे लाभ होता है। आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिये गाजर का मुरब्बा खायें। इसका रोजाना सेवन करने से रतौंधी, मोतियाबिन्द और आंखों की सूजन आदि रोग नहीं होता है। लगभग 125 मिलीलीटर गाजर और खीरे का रस बराबर मात्रा में मिलाकर पीने से आंखों की रोशनी तेज हो जाती है।
  37. मोतियाबिन्द: लगभग 300 मिलीलीटर गाजर के रस मे 125 मिलीलीटर पालक का रस मिलाकर पीने से मोतियाबिन्द दूर हो जाती है।
  38. रतौंधी (रात में न दिखाई देना): 200 मिलीलीटर गाजर का रस रोजाना पीने से शरीर में ताकत तो बढ़ती ही है साथ में रतौंधी के रोग से भी मुक्ति मिलती है।
  39. सूखी खांसी: 300 मिलीलीटर गाजर का रस और 125 मिलीलीटर पालक का रस मिलाकर पीने से श्वांस (सांस) नली की सूजन (ब्रोंकाइटिस) में बहुत अधिक लाभ मिलता है। गाजर सूखी खांसी को ठीक करने में बहुत अधिक उपयोगी है।
  40. गैस्ट्रिक अल्सर: गाजर के रस को शहद के साथ रोजाना दिन में तीन बार पीने से पक्काशय में होने वाले घाव ठीक हो जाते हैं।
  41. कब्ज : कच्ची गाजर 250 ग्राम को रोजाना खाली पेट खाने से कब्ज नहीं होती है तथा भूख अच्छी तरह लगती है। गाजर व हरड़ का मुरब्बा खाने से पेट में गैस नहीं रूक पाती है।
  42. माँ-शिशु के दूध की कमी: दूध पिलाने वाली माताओं को गाजर का रस पिलाने से उनके माँ-शिशु के लिए दुध कमी दूर हो जाती है।
  43. मसूढ़ों का रोग:- 70 मिलीलीटर गाजर का रस प्रतिदिन सुबह-शाम पीने से मसूढ़ों का रोग ठीक हो जाता है।
  44. सिर की रूसी: गाजर को कुचलकर बालों की जड़ों और माथे पर रगड़ने से रूसी मिट जाती है।
  45. पेट में गैस का बनना: गाजर का रस एक कप, शहद 2 चम्मच की मात्रा में तथा थोड़ी-सी मात्रा में काला नमक मिलाकर खाने से आराम मिलता है।
  46. जुकाम: लगभग 125 मिलीलीटर पालक का रस और 300 मिलीलीटर गाजर के रस को एक साथ मिलाकर पीने से सर्दी और जुकाम ठीक हो जाता है।
  47. मूत्र के साथ खून का आना: पेशाब के साथ खून आने पर गाजर के बीज का चूर्ण सुबह-शाम 1 से 3 ग्राम लें इससे फायदा लाभ मिलेगा।
  48. बवासीर (अर्श): गाजर और पालक का रस निकालकर प्रतिदिन सुबह-शाम पीने से अर्श (बवासीर) रोग ठीक होता है। कच्चा गाजर खाने अथवा गाजर का रस पीने से बवासीर ठीक होता है। या गाजर का रस 2 कप तथा पालक का रस 1 कप निकालकर दोनों को मिलाकर 20 दिन तक प्रतिदिन सुबह-शाम पीने से सभी प्रकार के बवासीर ठीक होते हैं।
  49. अपच: काली गाजर के रस को शहद के साथ पीने से अग्निमान्द्यता रोग ठीक हो जाता है।
  50. श्वेत प्रदर: गाजर, पालक, गोभी, चुकन्दर का रस पीने से स्त्रियों के गर्भाशय की सूजन समाप्त हो जाती है और श्वेत प्रदर (ल्यूकोरिया) रोग भी ठीक हो जाता है।
  51. अम्लपित्त: गाजर का रस पीने से अम्लपित्त ठीक हो जाता है।
  52. दर्द व सूजन: चोट मोच के कारण या किसी अन्य कारण से हुए सूजन पर गाजर की चटनी लगाकर पट्टी बांधने से सूजन कम हो जाती है तथा पीड़ा भी कम हो जाती है।
  53. मधुमेह के रोग: 1 कप गाजर का रस, आधा कप पालक का रस और आधा चम्मच जीरे के चूर्ण में दो चुटकी नमक डालकर 20 दिन तक रोजाना सेवन करने से मधुमेह में लाभ मिलता है। ध्यान रहे - इसे उच्च रक्त दाब के व्यक्ति न लें। या 300 मिलीलीटर गाजर का रस और 150 मिलीलीटर पालक का रस मिलाकर पीने से मधुमेह रोग ठीक हो जाता है।
  54. वजन बढ़ना: गाजर का रस पीने से शरीर पर चर्बी बढ़ने लगती है अत: इसका रस प्रतिदिन पीने से वजन बढ़ता है।
  55. पेट के सभी प्रकार के रोग: गाजर को खाने या उससे प्राप्त रस को पीने से भोजन का न पचना, पेट में वायु पैदा होना, आंतों में गैस, ऐंठन, शोथ (सूजन), घाव, पेट में पानी का भर जाना (जलोदर), एपेन्डीसाइटिस, वृहादांत्र शोथ (कोलाटिस), मल में बदबू, मुंह की बदबू, खराश और दस्त आदि रोगों में लाभ मिलता है।
  56. नींद न आना (अनिद्रा): रोजाना 1 गिलास गाजर का रस पीने से अनिद्रा दूर हो जाती है। नींद न आने की स्थिति में रात को सोने से 30-40 मिनट पहले गाजर का रस पीने से लाभ मिलता है।
  57. प्लीहा वृद्धि (तिल्ली): तिल्ली की वृद्धि को कम करने के लिए गाजर के अचार का सेवन करना लाभदायक होता है।
  58. आधासीसी (माइग्रेन) अधकपारी: गाजर के पत्तों पर घी लगाकर इसे हल्का गर्म करके इसके बाद इसे पीसकर रस निकला लें तथा इस रस को बूंद-बूंद करके नाक में डालने से आधासीसी (माइग्रेन) का रोग दूर हो जाता है।
  59. पेट के कीड़े: गाजर का रस 125 मिलीलीटर की मात्रा में रोज खाली पेट 14 दिन तक सेवन करने से पेट के कीड़ें मरकर मल के द्वारा बाहर निकल जाते हैं। कच्ची गाजर को 7 दिनों तक खाने से भी पेट के कीड़ों से छुटकारा मिलता है।
  60. नकसीर: 200 मिलीलीटर गाजर के रस और 50 मिलीलीटर पालक के रस को एक साथ मिलाकर पीने से नकसीर (नाक से खून बहना) रुक जाती है।
  61. दिल का तेज धड़कना: हृदय की धड़कन का बढ़ना तथा रक्त गाढ़ा होने रोग को ठीक करने के लिए गाजर का सेवन करना लाभदायक होता है।
  62. चेहरे की झाईयाँ : गाजर को पीसकर उसका रस निचोड़ लें या उसका रस निकालकर उसमें चन्दन का बुरादा, गुलाब जल और बेसन को मिलाकर लेप बना लें। इसको चेहरे पर अच्छी तरह रगड़कर लगाने से चेहरे पर चमक आती है।
  63. उच्चरक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर): गाजर के रस में शहद मिलाकर पीने से उच्च रक्तचाप (हाई ब्लड प्रेशर) कम होता है और लाभ मिलता है।
  64. त्वचा के रोग के लिए: 1 कप गाजर का रस रोज पीने से त्वचा के रोग ठीक होने लगते हैं। विटामिन ए की कमी से त्वचा सुखी पड़ जाती है। सर्दियों में त्वचा अधिक सूखी रहती है। सर्दियों में गाजर अधिक मात्रा में मिलती है। गाजर में विटामिन ए बहुत अधिक मात्रा में होता है। अत: गाजर खाने से त्वचा का सूखापन दूर हो जाता है।
  65. मुंहासें : गाजर का रस पीने से मुंहासें साफ हो जाते हैं और चेहरा भी चमक उठता है।
  66. चर्म रोग : गाजर का रस कीटाणुनाशक है तथा यह संक्रमण को दूर करता है। उससे खून की उत्तेजना और बदबू दूर होती है। इससे शरीर का खून साफ हो जाता है जिससे फोड़े-फुन्सी और मुंहासें ठीक हो जाते हैं। चेहरा सुन्दर हो जाता है और रोगी के चेहरे का रंग गुलाब के फूल के समान हो जाता है। गाजर का रस चर्म (चमड़ी) के रोगों में बहुत ही लाभदायक होता है।
  67. त्वचा साफ और चमकदार : रूई के फाये से गाजर के रस को गर्दन और चेहरे पर लगाकर थोड़ी देर सूखने दें और फिर ठण्डे पानी से धो लें। इससे त्वचा साफ और चमकदार हो जाएगी।
  68. चेहरे की झाईयां, दाद, दाग  और मुंहासें : 20-20 मिलीलीटर गाजर का रस, टमाटर का रस और चुकन्दर का रस को एक साथ मिलाकर लगातार 2 महीने तक रोजाना पीने से चेहरे की झाईयां, दाद, दाग  और मुंहासें मिट जाते हैं और चेहरा बिल्कुल साफ और चमकदार हो जाता है।
  69. हृदय की दुर्बलता : प्रतिदिन 250 मिलीलीटर मात्रा में गाजर का रस पीने से हृदय की दुर्बलता नष्ट हो जाती है।
  70. निम्न रक्तचाप (निम्न ब्लड प्रेशर): गाजर खाने व गाजर का रस पीने से भी निम्न रक्तचाप में लाभ होता है। गाजर का रस 100 मिलीलीटर और पालक का रस मिलीलीटर ग्राम मिलाकर प्रतिदिन पीने से निम्न रक्तचाप (लो ब्लड प्रेशर) की शिकायत दूर होती है।
  71. दाद: गाजर के टुकड़े करके उसे बारीक पीस लें। फिर इसमें सेंधा नमक डालकर सेंक लें और फिर गर्म-गर्म ही दाद लगाकर इस पर पट्टी बांध दें। इसकों बांधने से कुछ ही समय मे दाद से लाभ मिलता है।
  72. पीलिया: 250 मिलीलीटर गाजर के रस में 2-3 चम्मच शहद डालकर पीयें।
  73. टांसिल: गाजर के रस में 2 चम्मच शहद या आधा चम्मच अदरक का रस मिलाकर पीने से टांसिल रोग ठीक हो जाता है।
  74. शारीरिक सौन्दर्यता बढ़ाना: गाजर, कच्ची पत्तागोभी, टमाटर, ककड़ी, मूली आदि का सलाद भोजन के साथ खाने से शरीर की खूबसूरती बनी रहती है।
  75. सिर का दर्द: गाजर के रस को गर्म करके दो बूंद कान में और दो-दो बूंद नाक के नथुनों में डालने से सिर का दर्द दूर हो जाता है।
  76. चेहरे को साफ करना: आधा गिलास (लगभग 125 मिलीलीटर) गाजर का रस 15 से 20 दिन तक सुबह और शाम खाली पेट पीने से खून साफ हो जाता है और उसमें हेमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ जाती है जिसके फलस्वरूप चेहरा साफ हो जाता है।
  77. याददास्त कमजोर होना : 500 मिलीलीटर दूध में 125 मिलीलीटर गाजर का रस (जूस) मिलाकर सुबह बादाम खाने के बाद पीने से दिमागी कमजोरी दूर होती है जिसके फलस्वरूप याददाश्त भी बढ़ने लगती है।
  78. शारीरिक कमजोरी: कच्ची गाजर 250 ग्राम की मात्रा में खाने और ऊपर से लगभग 1 किलो जल पीने से शरीर में शक्ति बढ़ती है और शरीर भी मजबूत होता है। या 1 गिलास गाजर का रस सुबह खाली पेट और शाम को रोजाना 2 बार पीने से लाभ मिलता है। इसे दूध में भी मिलाकर पिया जा सकता है। गाजर का मिश्रित रस दिन में 3 बार पीने से शारीरिक कमजोरी दूर होने लगती है।
  79. गले की गांठ: टॉन्सिलाइटिस (गले में गांठ) के रोग में गाजर का रस पीने से अधिक आराम मिलता है।
  80. पाचन के लिये फायदेमंद- अगर आपको पाचन संबन्‍धी समस्‍या है तो आप दिन में दो लाल गाजर खाएं इससे आपका पेट एक दम सही रहेगा।
कृपया ध्यान रहे : 
  • अधिक मात्रा में गाजर खाने से पेट में दर्द हो रहा हो तो गुड़ खाना लाभकारी होता है। जिन व्यक्तियों के पेट में गैस बनने की शिकायत हो उन्हें गाजर का रस या गाजर को उबालकर उसका पानी पीने के लिए दें, इससे उन्हें लाभ मिलेगा। गाजर खाने के बाद तुरन्त कभी भी पानी नहीं पीना चाहिए और गाजर के बीच का पीला भाग नहीं खाना चाहिए क्योंकि इसे खाने से खांसी होती है। गाजर के दोषों को दूर करने के लिए गुड़ का उपयोग करना चाहिए।
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