Categories

बबूल की ये फली कही से भी मिल जाए तो साथ ले आए क्यूँकि इसके 7 फ़ायदे किसी चमत्कार से कम नही


नमस्कार मित्रो All Ayurvedic में आपका फिर से एकबार स्वागत है, आज हम आपको बबूल की फली अर्थात उसके फल के बारे में बताएंगे। वैसे तो बबूल का हर भाग पत्तीयाँ, फूल, छाल और फली सभी औषधि है। लेकिन आज हम आपको बबूल की फली के 7 फायदे बताएंगे। आइये जानते है इसके बारे में...
बबूल की फली के 7 चमत्कारी फायदे :

  1. हड्डी टूटने पर : बबूल के बीजों को पीसकर तीन दिन तक शहद के साथ लेने से अस्थि भंग दूर हो जाता है और हडि्डयां वज्र के समान मजबूत हो जाती हैं। या बबूल की फलियों का चूर्ण एक चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम नियमित रूप से सेवन करने से टूटी हड्डी जल्द ही जुड़ जाती है।
  2. दांत का दर्द : बबूल की फली के छिलके और बादाम के छिलके की राख में नमक मिलाकर मंजन करने से दांत का दर्द दूर हो जाता है।
  3. पेशाब का अधिक मात्रा में आना : बबूल की कच्ची फली को छाया में सुखाकर उसे घी में तलकर पाउडर बना लें। इस पाउडर की 3-3 ग्राम मात्रा रोजाना सेवन करने से पेशाब का ज्यादा आना बंद होता है।
  4. शारीरिक शक्ति और कमज़ोरी मिटाएँ : बबूल की फलियों को छाया में सुखा लें और इसमें बराबर की मात्रा मे मिश्री मिलाकर पीस लेते हैं। इसे एक चम्मच की मात्रा में सुबह-शाम नियमित रूप से पानी के साथ सेवन से करने से शारीरिक शक्ति में इज़ाफ़ा होता है और सभी कमज़ोरी वाले रोग दूर हो जाते हैं।
  5. रक्त बहने पर : बबूल की फलियां, आम के बौर, मोचरस के पेड़ की छाल और लसोढ़े के बीज को एकसाथ पीस लें और इस मिश्रण को दूध के साथ मिलाकर पीने से खून का बहना बंद हो जाता है।
  6. मर्दाना ताक़त : बबूल की कच्ची फलियों के रस में एक मीटर लंबे और एक मीटर चौडे़ कपड़े को भिगोकर सुखा लेते हैं। एक बार सूख जाने पर उसे दुबारा भिगोकर सुखा लेते है। इसी प्रकार इस प्रक्रिया को 14 बार करते हैं। इसके बाद उस कपड़े को 14 भागों में बांट लेते हैं, और रोजाना एक टुकड़े को 250 ग्राम दूध में उबालकर पीने से मर्दाना ताक़त बढ़ती है।
  7. अतिसार (दस्त) : बबूल की दो फलियां खाकर ऊपर से छाछ (मट्ठा) पीने से अतिसार में लाभ मिलता है।
loading...
Thank you for visit our website

टिप्पणि Facebook

टिप्पण Google+

टिप्पणियाँ DISQUS

MOBILE TEST by GOOGLE launch VALIDATE AMP launch