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मोटापा, पेट की तोंद की चर्बी निवारण के कुदरती पदार्थों के घरेलु उपचार


सामान्य रूप से शरीर में बनने वाली चर्बी से शरीर को रोगों से लड़ने की ताकत मिलती है लेकिन जब चर्बी सामान्य से अधिक बनने लगती है तो हमारा शरीर थुलथुल व मोटा हो जाता है। इस तरह अधिक चर्बी जमा होने से शरीर की अंगों की त्वचा लटकने लगती और शरीर बेडौल हो जाता है। इस तरह शरीर में अनावश्यक चर्बी बनने को मोटापा कहते हैं।

मोटापा, पेट की तोंद की चर्बी बढ़ने का कारण :
  • मोटापे की बीमारी अनेक कारणों से होती है, जैसे- अधिक मात्रा में चिकने पदार्थों (घी, मक्खन) खाना, चर्बी (फैट) वाल पदार्थ अधिक खाना, दिन भर कुछ न कुछ खाते रहना, मिठाइयां अधिक खाना, गर्म पानी से स्नान करना, अधिक मात्रा में गर्म कपड़े पहनना, हर समय आराम करना, कोई कार्य न करना, व्यायाम (एक्सरसाईज) न करना आदि। कुछ लोगों में मोटापा वंशानुगत भी होता है अर्थात जिसके माता-पिता मोटे होते हैं उसके बच्चे भी मोटे ही होते हैं। मोटापे के कारण पुरुष या स्त्री का रक्तचाप बढ़ जाता है और वायु संचरण में रुकावट महसूस होती हैं। मोटापे के कारण त्वचा फूल जाती है जिससे शरीर पूर्ण रूप से वायु ग्र्रहण नहीं कर पाता। अधिक चर्बी के कारण हृदय पर भी प्रभाव पड़ता है जिससे हृदय की गति धीमी हो जाती है।
मोटापा, पेट की तोंद की चर्बी निवारण के कुदरती उपचार  :
  1. चर्बी घटाने के लियेव्यायाम बेहद आवश्यक उपाय है।एरोबिक कसरतें लाभप्रदहोती हैं। आलसी जीवन शैली सेमोटापा बढता है। अत:सक्रियता बहुत जरूरी है।
  2. शहद मोटापा निवारण केलिये अति महत्वपूर्ण पदार्थ है।एक चम्मच शहद आधा चम्मच नींबूका रस गरम जल में मिलाकर लेतेरहने से शरीर की अतिरिक्तचर्बी नष्ट होती है। यह दिन में३ बार लेना कर्तव्य है।
  3. पत्ता गोभी(बंद गोभी) में चर्बी घटाने के गुण होते हैं।:ज्यादा केलोरी का दहन होता है। इस प्रक्रिया मेंचर्बी समाप्त होकर मोटापा निवारण में मदद मिलती है।
  4. पुदीना मेंमोटापा विरोधी तत्व पायेजाते हैं। पुदीना रस एक चम्मच २चम्मच शहद में मिलाकर लेते रहनेसे उपकार होता है।
  5. सुबह उठते ही 250 ग्रामटमाटर का रस 2-3 महीने तकपीने से शरीर की वसा मेंकमी होती है।
  6. गाजर का रस मोटापा कमकरने में उपयोगी है। करीब 300 ग्राम गाजर का रस दिन मेंकिसी भी समय लेवें।
  7. एक अध्ययन का निष्कर्ष आया है कि वाटर थिरेपी मोटापा की समस्या हल करने में कारगर सिद्ध हुई है। सुबह उठने के बाद प्रत्येक घंटे के फ़ासलेपर २ गिलास पानी पीते रहें।इस प्रकार दिन भर में कम से कम 20 गिलास पानी पीयें। इससेविजातीय पदार्थ शरीर सेबाहर निकलेंगे और चयापचय प्रक्रिया(मेटाबोलिस्म) तेज होकर ज्यादा केलोरी का दहनहोगा, और शरीर की चर्बी कमहोगी। अगर 2 गिलास के बजाये 3 गिलास पानी प्रति घंटेपीयें तो और भी तेजी सेमोटापा निवारण होगा।
  8. कम केलोरी वाले खाद्यपदार्थों का उपयोग करें।जहां तक आप कम केलोरी वालेभोजन की आदतनहीं डालेंगे, मोटापा निवारणदुष्कर कार्य रहेगा। अब मैं ऐसेभोजन पदार्थ निर्देशितकरता हूं जिनमें नगण्यकेलोरी होती है।
अपने भोजनमें ये पदार्थ ज्यादा शामिल करें : 

  • नींबू, जामफ़ल (अमरुद), अंगूर, सेवफ़ल, खरबूजा, जामुन, पपीता, आम, संतरा, पाइनेपल, टमाट,र तरबूज, बैर स्ट्राबेरी, सब्जीयां जिनमें नहीं के बराबर केलोरी होती है-पत्ता गोभी, फ़ूल गोभी, ब्रोकोली, प्याज, मूली, पालक, शलजम, सौंफ़, लहसुन, अदरक चाकू से बरीक काट लें, एक नींबू की चीरें काटकर दोनो पानी में ऊबालें। सुहाता गरम पीयें।बढिया उपाय है।
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