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तुलसी के पत्तों से शनिवार को करें ये उपाय, हाथों-हाथ दिखेगा असर


अक्सर हमने सुनते हैं कि घर के लोग काफी कमाते हैं लेकिन फिर भी पैसा ना होने की वजह से बेहद तंगहाल जिंदगी जी रहे हैं। इस स्थिति में तुलसी का उपाय उन लोगों के लिए रामबाण उपाय है। इस उपाय को करना बहुत आसान है और इसे करते ही तुरंत असर दिखता है। इस उपाय से पैसे की समस्या तो दूर होती ही है साथ में घर के विभिन्न लोगों के बीच हो रहे झगड़े और सभी तरह के क्लेश भी मिट जाते हैं।

तुलसी के पत्तों के 4 वास्तु उपाय 
  1. शनिवार को आटा पिसवाने जाते समय थोड़े से गेहूं में 100 ग्राम काले चने, 11 पत्ते तुलसी तथा 2 दाने केसर के मिला लें। अब इसको बाकी गेंहू में मिला कर पिसवा लें। इसके अलावा केवल शिनवार को ही आटा पिसवाएं। इस उपाय को करने के तुरंत बाद से ही आपको असर दिखने लगेगा। 
  2. शनिवार को काले कुत्ते को सरसों के तेल में चुपड़ी रोटी खिलाने से भी धन संचय होता है।
  3. शनिवार को पीपल के पेड़ में देसी घी का दीपक जलाने से भी मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
  4. तुलसी के पौधे पर प्रतिदिन सुबह शाम दीपक जलाने से व्यक्ति की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।
तुलसी के 8 औषधीय फायदे 
  1. सर्दी-जुकाम एवं सिरदर्द में: वायरस से लडने की क्षमता होने के कारण तुलसी के पत्तों को प्रतिदिन खाली पेट चबाने से सर्दी-जुकाम और फ्लू आदि से बचा जा सकता है। ऐसी स्थित में कुछ तुलसी पत्रों, काली मिर्च,अजवायन और नमक के मिश्रण को उबालकर तैयार किए काढे का प्रयोग काफी प्रभावी होता है। सिरदर्द होने पर इनकी पत्तियों के पेस्ट और घिसे चंदन को मिलाकर तैयार किए हुए लेप को कपाल पर लगाने से शीघ्र राहत मिलता है।
  2. बुखार में उपयोगी: इस अद्भुत औषधि के एंटी-पायरेटिक गुण के कारण यह बुखार के प्रभाव को कम करने में काफी कारगर होता है।
  3. पथरी का इलाज: जो लोग किडनी की पथरी से ग्रस्त उनके लिए तुलसी एक वरदान से कम नहीं है। एक शोध में पता चला कि इसके इलाज के लिए तुलसी पत्रों के रस एवं शहद के मिश्रण के नियमित सेवन से किडनी की पथरी धीरे-धीरे गलकर मूत्रमार्ग से बाहर निकल जाती है।
  4. डायबिटीज का उपचार: तुलसी अपने औषधीय गुणों में एंटी-अॉक्सीडेंट तथा लाभकारी तेलों के गुण भी समाए हुए है। इसकी पत्तियों का जूस हमारे अग्न्याशय के सुचारू रूप से संचालन में मदद करता है,जिससे शरीर मेंं इंसुलीन,जो ग्लूकोज के पाचनमें सहायक है, के उत्पादन की मात्रा संतुलित करता है। ऐसे रोगियों के लिए तुलसी सर्वोत्तम प्राकृतिक औषधि है।
  5. नावदूर करने में: दिन भर भाग-दौड और कम के प्रेशर से परेशान लोग अक्सरतनाव से ग्रस्त रहते हैंं। ऐसे में सुबह-सुबह तुलसी के पत्ते नियमित रूप से चबाने पर यह हमारे अंदर नई ऊर्जा का संचार करके तनाव से छुटकारा पाने में मदद करता है।
  6. हृदय रोगों से रक्षा: शोध के अनुसार, तुलसी में 'Eugenol' नामक एंटी-अॉक्सीडेंट पाया जाता है,जो खराब कॉलेस्ट्रॉल को कम करके रक्तचाप को संतुलित करता है। अतः रोज तुलसी के पत्ते चबाकर खाने से अनेक तरह के हृदय रोगों से बचा जा सकता है।
  7. चर्मरोग का निवारण: तुलसी दल के रस प्रयोग अनेक प्रकार के चर्मरोगों के उपचार में भी कारगर है,क्योंकि इसमें एंटी-फंगल गुण पाया जाता है। इसके साथ हींं यह खुजली और सफेद दाग को ठीक करने में उपयोगी है।
  8. दुर्गंध दूर करे: मुंंह से दुर्गंध की परेशानियों को दूर करने के लिए तुलसी की सूखी पत्तियों का सरसों तेल के साथ पेस्ट बनाकर मसूडों पर मसाज करने से मुंह की दुर्गंध समाप्त हो जाती है। इसके अलावा इस पेस्ट से दांतोंकी सफाई करने पर पायरिया जैसे दंत रोगों से बचा जा सकता है।
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