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चाहे आप बच्चे हो या बड़े, बूढ़े हो या जवाँ यदि जीवन भर रहना है रोगों से मुक्त तो अपने पेट और आँतो के कीड़ों को साल में एक बार इन उपाय से ज़रूर नष्ट करे।



बच्चों या बड़ों की आतों और पेट में पाये जाने वाले यह कीड़े वह परजीवी कीड़े होते है जो दूसरे जीवों पर निर्भर करते हैं। आतों के कीड़े कई प्रकार के होते हैं जैसे, व्हिपवर्म, गिर्डिएसिस, टेपवर्म्स, थ्रेडवर्म्स(फीता कृमि), पिनवर्म्स, राउंडवर्म्स इत्यादि। यह किसी व्यक्ति को संक्रमित भोजन करने से या और किसी कारणवश हो सकते हैं। ज़रूरत से ज़्यादा तकलीफ होने पर जैसे डाइरा या मतली,तो डॉक्टर को दिखाना उचित होगा। चाहे आप बच्चे हो या बड़े, बूढ़े हो या जवान, महिला हो या पुरुष यदि जीवन भर रहना है रोगों से मुक्त तो अपने पेट और आँतो के कीड़ों को साल में एक बार इन उपाय से ज़रूर नष्ट करे। इन्हें कुछ घरेलु नुस्खों से भी ठीक किया जा सकता हैं। किन्तु पहले इसके होने के कारण और लक्षण के बारे में जाना जाए।

पेट और आँतो में कीड़े होने के लक्षण :

  • पेट में होने वाले कीड़ों के अनेक कारण पाये जाते हैं। जैसे- पेट के कीड़े (दूषित) गलत खान-पान, गंदे हाथों से खाना, अजीर्ण (भूख का न लगना) में खाना खाने, मक्खियों द्वारा दूषित आहार, दूध, खट्ठी-मीठी वस्तुएं अधिक खाने, मैदा खाने से, पीसे हुए अन्न, कढ़ी, रायता, गुड़, उड़द, सिरका, कांजी, दही और संयोग विरुद्ध पदार्थों के खाने, परिश्रम न करना और दिन में सोना आदि कारणों से पेट में कीड़े पैदा हो जाते हैं।
  • मानव के शरीर में कीड़े दो प्रकार से प्रभाव डालते हैं पहला बाहरी कीड़े जो शरीर के बाहरी परत यानी त्वचा पर असर छोड़ते हैं जैसे- दाद-खाजफोड़ा-फुंसी,कोढ़ और गलगण्ड आदि में ये कीटाणु पैदा हो जाते हैं जबकि दूसरे प्रकार के भीतरी या अंदरूनी कीड़े होते है जो मानव के पेट में पाए जाते हैं उनके लक्षण सामान्य रूप से माने जाते हैं जैसे- सोते हुए दांत पीसना, बार-बार नाक खुजलाना, मल में कीड़े होना, शरीर का रंग पीला या काला होना, हल्का-सा बुखार, पेट में दर्द, हृदय का दर्द, जी मिचलाना, दस्त, चक्कर आना, भोजन से अरुचि, अफाराकब्जगुदा में खुजली, शरीर का कमजोर होना, त्वचा में रूखा और सूखापन भी रहना, पीलिया, अण्डे के लार्वे जब फेफड़ों में पहुंच जाते हैं तब दमा की बीमारी, जीभ का सफेद होना, आंखे लाल होना, होंठ सफेद होना, गालों पर धब्बे होना, शरीर में सूजन होना, मल में जब कीड़े पक्वाशय (पाचन-क्रिया) में मौजूद होते हैं तो कभी-कभी वह खुद गुदा यानी मलद्वार के रास्ते बाहर खुजली के साथ निकलने लगते हैं, लेकिन जब यह अधिक मात्रा में हो जाते हैं तो यह आमाशय (मेदा) में पहुंचकर रोगी की सांस और डकारों में मल की मिलीजुली गंध आना शुरू कर देते हैं।
  • अब जब आप कारण और लक्षण जान चुके हैं तो कुछ घरेलु नुस्खों के बारे में जाना जाए जो यह समस्या अगर बढ़ी न हो तो इस का समाधान करेंगे| नीचे कुछ घरेलु नुस्खे हैं जो आपके बच्चों को ठीक कर सकते हैं। 

पेट और आँतो में कीड़े के लिए घरेलू नुस्खे :


1. नींबू :
  • नींबू के बीजों को पीसकर चूर्ण बना लें, इस चूर्ण थोड़ी-सी मात्रा में गर्म पानी के साथ 7 दिन तक सेवन करने से कीड़ें मर जाते हैं।
  • बिजौरा नींबू के सूखे छिलकों का काढ़ा बनाकर पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
  • नींबू के रस को सेवन करने से आंतों के अन्दर टायफायड (मियादी बुखार), अतिसार (दस्त), हैंजा (विशूचिका) आदि में लाभ मिलता है।
  • नींबू का रस का सेवन करने से पेट के कीड़े मर जाते है और आमवात की शिकायत कम होती है।
  • 10 मिलीलीटर नींबू के पत्तों का रस और 10 ग्राम शहद मिलाकर 15-20 बार 1 दिन में पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
2. गाजर :
  • गाजर का रस 125 मिलीलीटर रोज खाली पेट 14 दिन तक सेवन करने से पेट के कीड़ें मरकर मल के द्वारा बाहर निकल जाते हैं।
  • कच्ची गाजर को 7 दिनों तक खाने से भी पेट के कीड़ों से छुटकारा मिलता है।
  • गाजर का 125 मिलीलीटर रस खाली पेट पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
3. लहसुन :
  • लहसुन और गुड़ को बराबर मात्रा में लेकर खाने से पेट के कीड़ें मर जाते हैं।
  • लहसुन की चटनी बनाकर उसमें थोड़ा-सा सेंधा नमक को मिलाकर सुबह और शाम खाने से पेट के कीड़ों से राहत मिलती है।
  • पेट में कीड़े होने पर 5 कली लहसुन की शहद या मुनक्का के साथ रोज दिन में 3 बार खानें से पेट के कीड़े मर जाते है। यह प्रयोग 2 से 3 महिनों तक करें अवश्य लाभ मिलेगा।
  • लहसुन की एक फली को पपीते के सूखे हुए थोड़े-से बीजों को पीसकर चटनी बनाकर मरीज को खिलाने से पेट के कीड़े मरकर मल के द्वारा बाहर निकल जाते हैं।
  • 1 पुती (एक फली) लहसुन को देशी घी में भुनकर, आधा चम्मच अजवायन का चूर्ण और 10 ग्राम पुराने गुड़ को मिलाकर दिन में 4 बार खाने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
4. शहतूत :
  • शहतूत के पेड़ की छाल का काढ़ा बनाकर पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
  • 100 ग्राम शहतूत को खाने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
  • शहतूत 20 ग्राम और 20 ग्राम खट्टे अनार के छिलके को उबालकर पीने से पेट के कीड़ें नष्ट हो जाते हैं।
  • शहतूत के पेड़ की जड़ को पानी में उबालकर सेवन करने से आंतों के कीड़े समाप्त होते हैं।
5. आंवला :
  • आधा चम्मच आंवले का रस 2 से 3 दिन तक पिलाने से पेट के कीड़ों में आराम देता है।
  • ताजे आंवले का लगभग 60 मिलीलीटर रस को 5 दिन तक पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
6. अनार :
  • अनार की जड़ की छाल 50 ग्राम को 250 मिलीलीटर पानी में उबाल लें, जब पानी 100 मिलीलीटर की मात्रा में बच जाऐ, तब इस बने काढे़ को दिन में 3-4 दिन बार पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
  • 3 ग्राम अनार के छिलकों का चूर्ण दही या छाछ के साथ सेवन करें।
  • अनार की जड़ की छाल 50 ग्राम को 250 मिलीलीटर पानी में उबाल लें, जब पानी 100 मिलीलीटर की मात्रा में बच जाऐ, तब इस बने काढे़ को दिन में 3-4 दिन बार पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
  • 3 ग्राम अनार के छिलकों का चूर्ण दही या छाछ के साथ सेवन करें।
7. अजवायन :
  • सूखी अजवायन को पीसकर प्राप्त हुए चूर्ण को 1 से 2 ग्राम को खुराक के रूप में छाछ के साथ पीने से पेट के कीड़े समाप्त हो जाते हैं।
  • 4 ग्राम अजवायन के बारीक चूर्ण को 1 गिलास छाछ के साथ पीने या अजवायन के तेल की लगभग 7 बूंदों को प्रयोग करने से लाभ होता है।
  • 4 से 5 बूंद अजवायन के रस को पानी में डालकर सेवन करने से आराम मिलता है।
  • 2 चुटकी अजवायन को गुड़ के साथ प्रयोग करें पेट के कीड़ों में लाभ मिलेगा।
8. पपीता :
  • पपीते के 5-7 बीजों को ताजे पानी के साथ 5 दिन तक सेवन करने से पेट में कीड़ो के कारण होने वाला दर्द कीड़ों के मरने के साथ मिट जाता है।
  • पपीता के बीजों को पीसकर चूर्ण बनाकर दो चुटकी खुराक के रूप में दिन में 3 बार पानी के साथ पीने से लाभ होता है।
  • पपीते के 10 बीजों को पानी में पीसकर चौथाई कप पानी में मिलाकर पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं। ऐसा प्रयोग लगातार 7 दिन तक करें।
  • 10 से 15 पपीते के बीज को पानी में पीसकर 7 दिनों तक खाने से लाभ होता हैं।
9. नीम :
  • नीम के पेड़ की छाल को उतारकर बारीक पीसकर चूर्ण बना लें, इस बनें चूर्ण की 2 ग्राम को खुराक के रूप में हींग और शहद के साथ सेवन करने से पेट के कीड़ें समाप्त हो जाते हैं।
  • नीम के पेड़ की छाल, इन्द्रजौ और बायबिडंग के चूर्ण को 2 ग्राम, भुनी हींग 250 ग्राम को शहद के साथ मिलाकर दिन में सुबह और शाम सेवन करने से आंतों के कीड़ों मल के द्वारा बाहर निकल जाते हैं।
  • सब्जी या बैंगन के साथ नीम के 8-10 पत्तों को छौंक कर खाने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
  • एक मुट्टी पत्तों का काढ़ा बनाकर 20 मिलीलीटर की मात्रा में खाली पेट 3 दिन तक पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।
10. कालीमिर्च :
  • कालीमिर्च के 10 दानें और 25 ग्राम पुदीना को पीसकर 1 गिलास पानी में मिलाकर 4 दिन तक रोज पीने से लाभ होता हैं।
  • पिसी हुई कालीमिर्च एक ग्राम को छाछ के साथ पीने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।



क्या-क्या खाना चाहिए  :


  • केलासरसों का साग, कांजी, मट्ठा (छाछ), शहदहींगनींबू का रस, पुराने चावलमूंगअरहर और मलका की दाल, साबूदानाबथुआकरेलापरवल,तोरईलौकीअनार, कच्चा आंवलासंतराअनन्नास का रस, अदरक की चटनी, सेबराईमुनक्काअजवाइन का रस, हींग, जीराधनिया, कड़वे चटपटे और कफनाशक पदार्थ का प्रयोग रोगी को खाने में करना चाहिए।

इन चीज़ों का सेवन ना करे :


  • बेसन की बनी खाने की वस्तुएं, तिलजौउड़द, जौ, मोठ, पत्तेवाली सब्जी, आलूमूलीअरबीककड़ीखीरा, दही, दूध, अधिक देशी घी, खटाई, मांस, मछली, अण्डा, मुल्तानी मिट्टी, मीठी चीजों का सेवन, रात को अधिक देर बाद सोना, दिन में सोना, दिन भर बैठे रहना, बीड़ी-सिगरेट को पीना और तेल की मालिश, सड़ी और बासी वस्तु, नमकीन, अधिक सूखे और लाल मिर्ची आदि का सेवन नहीं करना चाहिए।

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