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अपेंडिक्स के दर्द से हैं परेशान तो अपनाएं घरेलू उपाय, ये दर्द भगाएँ चुटकी में


  • अपेंडिक्स में दर्द या इंफैक्शन के बारे में आपने कई बार सुना होगा। अपेंडिक्स  पेट के दाई तरफ नीचे के हिस्से में होता है। इसमें इंफैक्शन हो जाए तो हल्का से दबाने पर भी दर्द शुरू हो जाता है। कई बार तो इलाज में लापरवाही के कारण यह फट भी सकता है। जिससे पेट को भी नुकसान पहुंच सकता है इसीलिए डॉक्टर ऑपरेशन करने की भी सलाह देते हैं। अपेेंडिक्स सब्जियों में पाए जाने वाले सैल्यूलोज को पचाने का काम करता है। वैसे तो ऑपरेशन के द्वारा निकाल दिए जाने पर इसका सेहत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता। लेकिन ठीक समय पर इसका इलाज कर लिया जाए तो ऑप्रेशन से बचा जा सकता है।
  • अगर आपके पेट में कभी-कभी तेज दर्द उठता है और यह अपेंडिसाइटिस के कारण है, तो आपको सचेत रहने की जरूरत है। अगर सही समय पर इसका इलाज नहीं किया गया, तो यह पेट में फट सकता है। हालांकि अपेंडिक्स के हर प्रकरण में ऐसा नहीं होता, लेकिन लंबे समय तक इसकी जांच न होना इस खतरे को बढ़ा सकता है। 
इन 5 लक्षणों से जानिए - 
  1. जब आपके पेट में तेज और असहनीय ऐसा दर्द हो, जैसा कि पहले कभी न हुआ हो, तो आपको तुरंत इसकी जांच कराने की जरूरत है। नाभि से आगे नीचे ओर दाहिने तरफ होने पर होने वाला दर्द ही अपेंडिस का दर्द हो सकता
  2. कई बार यह दर्द या असहजता चलते समय, खांसते समय या कार में बेठे हुए किसी उछाल से भी अचानक हो सकती है। इसका मतलब यह भी हो सकता है कि अपेंडिक्स विस्फोट होने की कगार पर है या फिर फट चुका है। ऐसा होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। 
  3. अगर आप पेट के दाहिने तरफ तेज दर्द के साथ-साथ ऊबकाई, उल्टी, खाने से अरूचि या भूख में कमी महसूस कर रहे हैं, तो यह अपेंडिसाइटिस के खतरनाक लक्षण हो सकते हैं। 
  4. कई लोगों में अपेंडिसाइटिस पेडू के नीचे भी होता है, जिससे यह मूत्राशय  के करीब होता है। ऐसे में अगर मूत्राशय अपेंडिक्स से संक्रमित होता है, तो आप बार-बार पेशाब जाने के लिए प्रेरित होते हैं एवं पेशाब करते समय दर्द होता है। 
  5. बुखार  आना या ठंड लगना जैसी समस्याएं आपके शरीर में किसी प्रकार के संक्रमण की ओर इशारा करती है। अगर आपका अपेंडिक्स संक्रमित है, तो आपका शरीर कई तरह से रसायनों को बाहर निकालकर आपको इसका संकेत देता है। ऐसे में आपको पेट में संबंधित दर्द के साथ तेज बुखार एवं अन्य समस्याएं भी हो रही हैं, तो तुरंत डॉक्टर से बात करें। 
  6. अगर आप ज्यादातर कन्फ्यूज रहने लगे हैं और दिमाग फोकस नहीं कर पा रहा, तो यह इंफेक्शन बिगड़ने का कारण हो सकता है। इस स्थिति में इंफेक्शन बढ़की शरीर के अन्य हिस्सों को रक्त के जरिए प्रभावित करता है और रक्त में ऑक्सीजन की मात्रा भी कम हो जाती है। जरूरी नहीं कि यह अपेंडिसाइटिस से जुड़ा मसला हो, बल्कि कोई ओर गंभीर समस्या भी हो सकती है। 
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अपेंडिक्स में इंफैक्शन के कई कारण हो सकते हैं। जैसेः-
  • फाइबर वाले भोजन की कमी
  • आंतों में खाना जमा होना
  • फलों के बीज
  • पुरानी कब्ज 
घरेलू उपचार 
इस परेशानी को दूर करने के लिए घरेलू नुस्खे अपना कर राहत पाई जा सकती है।

1. अपेंडिक्स के इलाज के लिए पेट को साफ रखना बेहद जरूरी है। 
2. एलोवीरा जूस का रोजाना सेवन करने से अांतों में जमा गंदगी साफ होनी शुरू हो जाती है। 
3. खाना खाने से पहले टमाटर के साथ अदरक और सेंधा नमक लगाकर खाएं। 
4. कच्चा दूध पीने से परहेज करें। उबले हुए दूध को ठंड़ा करके पीने से लाभ होता है। 
5. अपेंडिक्स के दर्द से राहत पाने के लिए अदरक वाली चाय का सेवम करें। 
6. खट्टे और मसालेदार खाने से परहेज करें। 
7. सुबह खाली पेट रोजाना 2-3 कलीया लहसुन की खाने से राहत मिलता है। 
8. रोजाना सुबह खाना खाने से पहले 2-3 पत्ते तुलसी का सेवन करने से लाभ मिलता है। 
9. छाछ में काला नमक मिलाकर खाने से फायदा होता है। 
10. दिन में 10-12 गिलास पानी जरूर पीएं। 
11. फाइबर युक्त आहार को जैसे सेब,सलाद,हरी पत्तेदार सब्जियों को खाने में शामिल करें। 

ध्यान में रखे यह बात
कई बार पेट के निचले हिस्से में दर्द का कारण देर तक पेशाब को रोक कर रखना भी हो सकता है।यह जरूरी नहीं कि पेट की निचले हिस्से में दाई तरफ दर्द का कारण अपेंडिक्स ही हो। इसके लिए जरूरी है डॉक्टरी जांच करवाई जाए ताकि पता चल सके कि दर्द का कारण क्या है।
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