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किडनी के रोग को ना बनाए अपने जीवन की सबसे बड़ी परेशानी, आयुर्वेदिक इलाज में पाएं इसका समाधान


किडनी (kidney / गुर्दा ) हमारे शरीर का एक बेहद ही महत्वपूर्ण अंग होता है जिसकी नियमित देखरेख से हम इसको स्वस्थ रख सकते हैं | प्रदूषित भोजन के कारण पेट की खराबी तथा अम्लीय पदार्थों का अधिक सेवन करने से किडनी पर बहुत बुरा असर पड़ता है | इसी बात को चिकित्सक यूं कहते हैं कि गुर्दे में जब क्षारीय तत्त्व बढ़ जाते हैं तो उसमें सूजन आ जाती है| फलस्वरूप वहां दर्द होने लगता है | नियमित गुर्दे की परेशानी रहने से स्वास्थ्य गिरना शुरू हो जाता है और कई बार यह जानलेवा भी हो सकता है |
◼️ जानिए इसका कारण
जब गुर्दों द्वारा रक्त की शुद्धि भली भांति नहीं हो पाती तो पेशाब द्वारा पानी का अंश कम निकलने लगता है| इसके फलस्वरूप मूत्राशय की शुद्धि ठीक से नहीं हो पाती| मूत्र के साथ तरह-तरह के विषैले पदार्थों के नन्हे कण बाहर निकलने लगते हैं| इससे गुर्दों में सूजन आ जाती है और रोगी को बुखार रहने लगता है|
◼️ जानिए इसके लक्षण
➡️पेशाब करते समय दर्द का आभास होना |
➡️कभी-कभी पेशाब रुक-रुककर आना |
➡️पीठ में दर्द एवं बेचैनी होना |
➡️मूत्र से तीव्र दुर्गंध आना |
➡️पेशाब द्वारा विषैले पदार्थ का स्राव |
➡️सिर दर्द होना |
➡️मन न लगना |
➡️व्याकुलता होना |
➡️बदन में दर्द रहना आदि |
◼️क्या हैं गुर्दे में दर्द और सूजन के घरेलु नुस्खे;
⏺️त्रिफला और पानी का सेवन करें :- एक बड़ा चम्मच त्रिफला चूर्ण रात को सोने से पहले हल्के गर्म पानी के साथ लेने से कुछ ही दिनों में गुर्दे की सूजन ठीक हो जाती है|
⏺️लौकी का नियमित सेवन करें :- लौकी में श्रेष्ठ किस्म का पोटेशियम प्रचुर मात्रा में मिलता है इसलिए यह गुर्दे के रोगों में बहुत उपयोगी है और इससे पेशाब खुलकर आता है |
⏺️खीरे का नियमित सेवन करें :- किडनी तथा लीवर की समस्या को दूर करने के लिए खीरे का नियमित रूप से सेवन करने से समस्या से मुक्ति मिल जाती है |
⏺️अंगूर, सेंधा नमक, पानी और बेल का इस्तेमाल करें :- 50 ग्राम अंगूर की बेल के पत्ते पानी के साथ पीसकर छान लें| उसमें थोड़ा-सा सेंधा नमक मिलाकर रोगी को पिलाने से गुर्दे के दर्द से तड़पते मरीज आराम मिल जायेगा|
⏺️तुलसी, अजवायन, सेंधा नमक और पानी का इस्तेमाल करें :- 20 ग्राम तुलसी की पत्तियां,  20 ग्राम अजवायन, 10 ग्राम सेंधा नमक और 10 ग्राम तुलसी की पत्तियों को छांव में सुखा लें| फिर उन्हें पीसकर चूर्ण बना लें| इसका 2-2 ग्राम चूर्ण सुबह शाम पानी के साथ मरीज़ को खिलाएं| एक ही खुराक में गुर्दे के दर्द और सूजन में काफी आराम आ जाएगा |
⏺️पानी और पुनर्नवा का इस्तेमाल करें :- दो प्याले पानी में एक तोला पुनर्नवा (Boerhavia diffusa) डालकर अच्छे से उबालें| जब पानी आधा रह जाए तो छानकर सुबह-शाम सेवन करने से गुर्दे की सूजन में लाभ होता है|
⏺️नियमित पानी का सेवन करें :- गुर्दों की समस्या से दूर रहने के लिए दिन में कम से कम दो बार गुनगुना पानी पीना चाहिए | यदि गुनगुना पानी ना मिले तो सादा पानी तो अवश्य पीना चाहिए |
⏺️ताजी मक्की के दानों का इस्तेमाल करें :- ताजी मक्की के दानों को पानी में उबालकर उस पानी को छान कर मिश्री मिलाकर पीने से पेशाब की जलन व गुर्दों की कमजोरी दूर हो जाती है |
⏺️तरबूज तथा आलू का रस इस्तेमाल करे :- तरबूज तथा आलू का रस भी गुर्दे के रोग को ठीक करने के लिए सही होता है इसलिए पीड़ित रोगी को सुबह शाम इसके रस का सेवन करना चाहिए।
⏺️आंवले का सेवन करें :- आंवले का नियमित सेवन हमारे गुर्दों को स्वस्थ रखता है |
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