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➡ बालो की समस्याएँ :
बाल हर व्यक्ति की सुन्दरता को बढ़ाते हैं तथा उनसे यह भी पता चलता है कि मनुष्य स्वस्थ है या नहीं। बालों के बहुत कम (40-50) मात्रा में टूटने पर कोई परेशान होने वाली बात नहीं होती मगर बालों का गुच्छों में टूटना गंजेपन का कारण बन सकता है।
कारण-
         शरीर में हार्मोन की कमी, वंशानुगत, खुश्की, संक्रमण तथा सिर में गंदगी, कुपोषण,मानसिक परेशानी, चिंता, प्रतिकूल वातावरण तथा कोई गंभीर बीमारी आदि के कारण बालों के रोग पैदा हो जाते हैं।
बाल हर व्यक्ति की सुन्दरता को बढ़ाते हैं तथा उनसे यह भी पता चलता है कि मनुष्य स्वस्थ है या नहीं। लक्षण-
          कंघी करते समय बालों का गुच्छों में टूटना, दिन-प्रतिदिन सिर से बाल कम होना आदि बालों के रोगों के लक्षण हैं।
चिकित्सा-
  • बालों के रोगों को दूर करने के लिए भोजन में नियमित रूप से दालें, दूध व अण्डे खाने चाहिए। हरी सब्जियों का ज्यादा से ज्यादा सेवन लें। बाल हर व्यक्ति की सुन्दरता को बढ़ाते हैं तथा उनसे यह भी पता चलता है कि मनुष्य स्वस्थ है या नहीं। बालों में हल्की-हल्की धूप व खुली हवा देते रहें। हफ्ते में 2-3 बार सरसों के तेल से सिर की अच्छी तरह मालिश करें और हल्के गर्म पानी से सिर को धोएं।
  • दोनों हाथों के नाखूनों को आगे की ओर से मिलाकर रगड़ने से कुछ ही समय में बालों का झड़ना रुक जाता है।
  • अंगूठे को इस तरह दबाने से सिर में रक्तसंचार तेज होता है और बालों को पोषक तत्व मिलते हैं।
(प्रतिबिम्ब बिन्दु पर दबाव देकर एक्यूप्रेशर चिकित्सा द्वारा इलाज करने का चित्र)
बाल हर व्यक्ति की सुन्दरता को बढ़ाते हैं तथा उनसे यह भी पता चलता है कि मनुष्य स्वस्थ है या नहीं।