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दिमाग को कंप्यूटर बना देता है ऊंटनी का दूध, ऐसा कोई भी रोग नही बचा जिसमे ये औषिधि की तरह काम ना करे, जरूर पढ़े



  • यदि आप ऊंटनी के दूध (camel milk) से परहेज करते हैं तो उसके फायदे जान लीजिए। ऊंटनी का दूध अनेक रोगों में फायदेमंद तो होता ही है, साथ यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। ऊंटनी का दूध दिमागी बीमारी में रामबाण सिद्ध हो सकता है। बीकानेर के राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र ने हाल ही में एक स्टडी कराई है। इसमें पाया गया है कि ऊंटनी का दूध मंद बुद्धि बच्चों के लिए अमृत के समान है। राज्य सरकार ने भी ऊंट को राज्य पशु भी घोषित किया है। उधर राष्ट्रीय उष्ट्र अनुसंधान केंद्र ने ऊंटनी के दूध से बने अनेक प्रॉडक्ट को भी बाजार में उतारा है और लोगों तक इस फायदेमंद दूध पहुंचाने के लिए किसानों को मोटिवेट भी कर रहा है।
  • केंद्र के डायरेक्टर एनवी पाटिल ने बताया कि पंजाब के फरीदकोट में स्पेशल चिल्ड्रन के एक केंद्र में तीन महीने लगातार करीब 10 मंद बुद्धि बच्चों को रोजाना 300 एमएल सुबह और 300 एमएल शाम को ऊंटनी का दूध दिया गया। इन बच्चों में दूसरे मंदबुद्धि बच्चों के मुकाबले ज्यादा ग्रोथ पाई गई।
➡ ऊंटनी 🐪🐫 के दूध 🍼🍶 के फायदे :
  1. इसका नियमित इस्तेमाल करने वाले बच्चों का मस्तिष्क सामान्य बच्चों की तुलना में तेजी से विकसित होता है। इतना ही नहीं उसकी सोचने-समझने की झमता में भी सामान्य लोग बहुत पीछे होते हैं। कुल मिलाकर यह बच्चों को एक ओर कुपोषण से बचाता है तो दूसरी ओर उसमें बौद्धिक क्षमता के विकास में भी सहायक है।
  2. ऊंटनी का दूध बहुत ही जल्दी पच जाने वाला होता है। इसमें दुग्ध शर्करा, प्रोटीन, कैल्शियम, कार्बोहाइड्रेट,सुगर, फाइबर, लैक्टिक अम्ल, आयरन, मैग्निशियम, विटामिन ए, विटामिन ई, विटामिन बी 2, विटामिन सी, सोडियम, फास्फोरस, पोटैशियम, जिंक, कॉपर, मैग्नीज जैसे बहुत सारे तत्व पाए जाते हैं जो कि हमारे शरीर को सुंदर और निरोगी बनाते हैं। www.allayurvedic.org
  3. ऊंटनी के दूध में कैल्शियम बड़ी मात्रा में पाया जाता है। जिससे इसके सेवन से हड्डियां मजबूत हो जाती हैं। तो वहीं इसमें लेक्टोफेरिन नामक तत्व पाए जाने से कैंसर जैसी घातक बीमारी से भी लड़ने की क्षमता शरीर में तैयार होती है। इतना ही नहीं यह खून से टॉक्सिन्स दूर करता है और लिवर को साफ करता है। पेट से जुड़ी समस्याओं में आराम पाने के लिए भी लोग इसका सेवन करते हैं। यह वायरल संक्रमणों से लड़ने में भी मददगार है।
  4. ऊंटनी के एक लीटर दूध में लगभग 52 यूनिट इंसुलिन की मात्रा पायी जाती है। जो कि अन्य पशुओं के दूध में पायी जाने वाली इंसुलिन की मात्रा से बहुत ज्यादा होता है। इंसुलिन शरीर में प्रतिरोधक क्षमता तैयार करने का काम करती है।
  5. ऊंटनी का दूध विटामिन और खनिज तत्वों से भरपूर होता है। इसमें एंटीबॉडी भी मौजूद होता है जो शरीर को संक्रामक रोगों से बचाता है । नियमित इस्तेमाल करने से ब्लड सुगर से राहत मिलती है, इंफेक्शन रोकने में भी मददगार है। तपेदिक, आंत में जलन होने पर भी इसका इस्तेमाल गुणकारी है। यह छोटी-मोटी बीमारियों के लिए लाभकारी तो है ही, गैस्ट्रिक कैंसर की घातक कोशिकाओं को रोकने में भी मदद करता है। इसमें हैपेटाइटिस सी, एड्स, मधुमेह, अल्सर, हृदय रोग, गैंगरीन, किडनी संबंधी, बीमारियों से शरीर की बचाव की प्रतिरोधी क्षमता होती है। यह शरीर में ऐसी कोशिकाओं के निर्माण में भी मदद करता है जो संक्रामक रोगों के खिलाफ एंटीबॉडी के रूप में काम करती हैं।
  6. ऊंटनी के दूध में अल्फा हाइड्रोक्सिल अम्ल पाया जाता है। जो कि त्वचा को निखारने का काम करता है। इसीलिए इसका इस्तेमाल सौंदर्य संबंधी सामग्री बनाने में किया जाता है। यह कुपोषण से ग्रसित बच्चों के लिए संतुलित आहार का काम करता है। यह उन लोगों में दिनभर काम करने की क्षमता पैदा कर देता है जो थोड़ा काम करने के बाद थक जाते हैं।
  7. ऊंटनी के दूध से बनी क्रीम त्वचा में निखार लाती है।
  8. इन रोगों में भी फायदेमंद : ऊंटनी का दूध (camel milk) मधुमेह, दमा, ऑटिज्म, बच्चों में दूध की एलर्जी, ब्लड प्रेशर सहित विभिन्न रोगों से लड़ने में कारगर साबित हो रहा है। इसके अलावा मलेरिया के लिए भी यह दूध काफी कारगर है। ऊंटनी के दूध में प्रतिरोधक क्षमता बहुत ज्यादा होता है जिसे पीने के बाद लोगों को अनेक रोगों से लड़ने की क्षमता मिलती है।
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