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मौत के मुंह से भी बाहर ले आयेंगे ये 4 चमत्कारी जूस, जरूर अपनाएँ



  • अगर इम्यून सिस्टम कमज़ोर हो, या छोटी सी बीमारी से लेकर कैंसर तक हो, मोटापा हो या हृदय की समस्या, अगर व्यक्ति मौत के मुंह में भी चला गया हो और डॉक्टर जवाब दे दें तो भी ये जूस व्यक्ति को मौत के मुंह से बाहर लाने की क्षमता रखते हैं। 
➡ आइये जाने इन 4 चमत्कारी जूस के बारे में :
  1. पत्तागोभी का जूस : पत्तागोभी देखने में जितनी साधारण हैं उतनी ही गुणों में अमृत के समान हैं, अनेक कष्ट साध्य रोग जैसे कैंसर, कोलाइटिस, हार्ट, मोटापा, अलसर, ब्लड क्लॉटिंग रक्त के थक्के जमने में, उच्च रक्तचाप, नींद की कमी, पथरी, मूत्र की रुकावट में पत्तागोभी बहुत लाभकारी हैं। इसकी सब्जी भी घी से छौंककर बनानी चाहिए। पत्तागोभी को करमकल्ला के नाम से भी पुकारा जाता हैं। इसका रस, सलाद और सब्जी सभी गुणकारी हैं। रोगी व्यक्ति को नियमित इसके जूस का सेवन करना चाहिए. और अगर स्वस्थ व्यक्ति भी इसका सेवन करता है तो उसका स्वास्थय नियमित बना रहता है।
  2. गाजर का जूस : गाजर बहुत ही गुणकारी है, गाजर में जीवन दायिनी शक्ति है, गाजर में दूध के समान गुण विद्यमान हैं और गाजर का रस दूध से भी उत्तम है, गाजर में माता के दूध के समान खनिज लवण पाए जाते हैं। इसके उपयोग से हमारी सेहत बहुत बढ़िया रह सकती है। गाजर का उपयोग इसका रस निकाल कर या सब्जी बनाकर किया जा सकता है।  गाजर का जूस नियमित पीने से हमारी आँखों के छोटे छोटे रोगों से लेकर मोतियाबिंद जैसे रोग नहीं होते। गाजर के नियमित सेवन से ब्रैस्ट कैंसर, पेट के कैंसर और फेफड़ों के कैंसर से बचा जा सकता है और अगर ये रोग हो जाए तो इसके सेवन से बहुत जल्दी रिकवरी होती है। लीवर पेट आँतों और दांतों मसुडो के रोगों में भी बहुत लाभकारी है। www.AllAyurvedic.org
  3. गेंहू के जवारों और गिलोय का मिक्स जूस : अगर आपको कोई ऐसा रोग हो गया हो जो असाध्य हो या आपको लगता हो के ये आपकी जान लेकर ही जायेगा तो बिना विलम्ब किये रोगी को ये जूस पिलाना शुरू करना चाहिए, ये शरीर में जाते ही शरीर से विजातीय पदार्थ निकालकर शारीर में अमृत का संचार करता है, कैंसर, हृदय की ब्लॉकेज, किडनी के रोगों, लीवर, ब्लड शुगर जैसे अनेक रोगों के लिए ये बेहतरीन है. इस जूस के बारे के गुणों के बारे में जितना लिखा जाए उतना ही कम है. गेंहू के जवारो को आयुर्वेद में ग्रीन ब्लड और पृथ्वी की संजीवनी के नाम से सम्भोधित किया जाता है और गिलोय को अमृता के नाम से जाना जाता है, इन दोनों को मिक्स कर के बनाया गया जूस अपने आप में अमृत लिए रहता है।
  4. पालक का जूस : पालक विटामिन K, विटामिन A (करोटेनॉइड्स के रूप में), मैंगनीज, मैग्नीशियम, आयरन, कैल्शियम, एमिनो एसिड तथा फोलिक एसिड फोलेट, कॉपर, विटामिन B2, विटामिन B6, विटामिन E, कैल्शियम, पोटैशियम, और विटामिन C का अति उत्कृष्ट स्त्रोत है। कच्चा पालक खाने से कड़वा और खारा ज़रूर लगता है, परन्तु ये गुणकारी होता है। गुणों के मामले में पालक का शाक सब शाकों से बढ़ चढ़कर है। इसका रस यदि पीने में अच्छा न लगे तो इसके रस में आटा गूंथकर रोटी बनाकर खानी चाहिए। पालक रक्त में लाल कण बढ़ाता है। कब्ज दूर करता है। पालक, दाल व अन्य सब्जियों के साथ खाएं।
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