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झंडू विगोरेक्स इन 22 रोगों की अचूक दवाँ है, ये प्यार भरे जीवन की खुशियाँ लोटाये


  • विगोरेक्स, झंडू द्वारा निर्मित, दवाई है जो की पुरुषों के दैनिक जोशवर्धक है। इसमें आयुर्वेद के जाने माने वाजीकारक द्रव्य हैं जैसे की स्वर्ण, शिलाजीत, सफ़ेद मुस्ली, केवांच के बीज, गोक्षुरू, अश्वगंधा और प्रवाल भस्म।
  • आयुर्वेद की मुख्य 8 शाखाएं हैं, इनमें से वाज़ीकरण यौन-क्रियायों की विद्या तथा प्रजनन Sexology and reproductive medicine चिकित्सा से सम्बंधित है। वाज़ीकरण के लिए उत्तम वाजीकारक वनस्पतियाँ और खनिजों का प्रयोग किया जाता है जो की सम्पूर्ण स्वास्थ्य को सही करती हैं और जननांगों पर विशेष प्रभाव डालती है। आयुर्वेद में प्रयोग किये जाने वाले उत्तम वाजीकरण द्रव्यों में शामिल है, अश्वगंधा, शतावरी, गोखरू , आंवला , केवांच, शिलाजीत, मकरध्वज, मूसली, आदि। यह कामोत्तेजक होती है, स्नायु, मांसपेशियों की दुर्बलता, को दूर करती है तथा धातु वर्धक, वीर्यवर्धक, शक्तिवर्धक तथा बलवर्धक होती हैं।
  • स्वर्ण भस्म को आयुर्वेद में, जीवन शक्ति में सुधार तथा ताकत देने के लिए प्रयोग किया जाता है। शिलाजीत Shilajit के सेवन से शक्ति बढ़ती है। यह शरीर के लिए आवश्यक विटामिन और मिनरल देता है और ताकत देता है। सफेद मूसली Musali को आयुर्वेद में उत्तम वाजीकारक माना गया है।
  • केवांच के बीजो का सेवन शरीर में नर्वेस को ताकत देता है। गोखरू का प्रयोग मांसपेशियों की शक्ति बढ़ाने में मदद करता है। अश्वगंधा, एंटीस्ट्रेस है और तनाव तथा तंत्रिका तंत्र की थकान को दूर करती है।
  • प्रवाल भस्म शरीर के ऊतकों में रक्त परिसंचरण को बढ़ाता है। यह कैल्शियम का एक समृद्ध और प्राकृतिक स्रोत है, जो थकान को दूर करने में मदद करता है।
  • झंडू विगोरेक्स के दो प्रकार हैं, विगोरेक्स टेबलेट और विगोरेक्स एस ऍफ़ कैप्सूल । SF कैप्सूल में ज्यादा घटक हैं। अगर कमजोरी अधिक है तो, विगोरेक्स एस ऍफ़ Vigorex SF capsules के सेवन से शुरूवात करें और स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए विगोरेक्स Vigorex tablets की एक गोली नियमित दूध से साथ लें।
www.allayurvedic.org
➡ झंडू विगोरेक्स के घटक :
1. केवांच Kaunch Beej extract 125mg
2. मूसली Safed Musali extract 100mg
3. गोखरू Gokshur extract 75mg
4. अश्वगंधा Ashwagandha extract 50mg
5. शिलाजीत Shilajit 50mg
6. जटीफल Jatiphal extract 25mg
7. यशद भस्म Yashad Bhasma 25mg
8. अभ्रक भस्म Abhrak Bhasma 25mg
9. प्रवाल भस्म Praval Bhasma 25mg
10. कपूर Shuddha Karpur 5mg
11. स्वर्ण भस्म Swarna Bhasma 0।5mg
12. Excipients q.s
13. Zandu Vigorex SF
➡ In each Capsules :
  • केवांच Kauncha (Mucuna pruriens) 100 mg
  • अश्वगंधा Ashwagandha (Withania somnifera) 100 mg
  • शिलाजीत Shilajit 50 mg
  • मूसली Musali (Chlorophytum arundinaceum) 50 mg
  • चंद्रोदय रस Chandrodaya Ras 50 mg
  • प्रवाल भस्म Praval Bhasma 25 mg
  • गिलोय Gudhuchi (Tinospora cordifolia) 25 mg
  • आंवला Amalki (Emblica officianalis) 25 mg
  • गोखरू Gokhru (Tribulus terrestris) 25 mg
  • विषटिंडक Vishtinduik (Strychnos nux vomica) 25 mg
  • अभ्रक भस्म Abhrak Bhasma 25 mg
  • माणिक्य भस्म Manikya Bhasma 25 mg
  • काँटा लोहा भस्म Kanta Loha Bhasma 20 mg
  • जातिफल Jatiphala 15 mg
  • माणिक्य रस Manikya Rasa 10 mg
  • कपूर Kapur Baras 5mg
➡ झंडू विगोरेक्स के लाभ/फ़ायदे :
1. यह वाजीकारक, शुक्रवर्धक, वीर्यवर्धक है तथा उत्तम रसायन है।
2. यह लैंगिक और स्नायु की कमजोरी को दूर करती है।
3. यह दैनिक जोशवर्धक है।
4. यह जीवन में आनंद और उत्साह बढ़ाती है।
5. यह नपुंसकता, शिश्न की कमजोरी, शारीरिक, मानसिक और यौन दुर्बलता को दूर करने वाली दवाई है।
6. यह वाजीकारक है और यौन इच्छा को बढ़ाने वाली दवा है।
7. यह दवाई वीर्यवर्धक है।
8. यह दवाई शीघ्रपतन जिसे इंग्लिश में प्रीमेच्योर एजाकुलेशन कहते है को दूर करती है।
9. यह स्ट्रेस, थकान को दूर करती है।
10. यह शरीर को उर्जा तथा शक्ति देती है।
11. इसका २-३ महीने लगातार सेवन करने से यौन अंगों को ताकत मिलती है और इनफर्टिलिटी की समस्या दूर होती है।
12. झंडू विगोरेक्स के चिकित्सीय उपयोग Uses of Zandu Vigorex
13. कमजोरी, थकावट उर्जा की कमी
14. स्नायु की दुर्बलता
15. शीघ्र पतन, स्तम्भन दोष, इन्द्रिय की शिथिलता-निस्तेज होना
16. धातु की कमी
17. प्रमेह
18. मूत्र रोग
19. बुढ़ापे की कमज़ोरी
20. वीर्य दोष
21. शुक्र दोष
22. यौन दुर्बलता
➡ सेवन विधि और मात्रा :
  • 1 या 2 कैप्सूल (ज़रूरत के अनुसार), दिन में दो बार, सुबह और शाम लें।
  • इसे दूध, रबड़ी या मलाई के साथ लें।
  • इसे भोजन करने के बाद लें।
  • या डॉक्टर द्वारा निर्देशित रूप में लें।
  • सावधानियाँ
  • यह दवा बच्चों की पहुँच से दूर रखें।
  • दवा का सेवन निर्धारित मात्रा में ही करे।
  • अधिक मात्रा में सेवन हानिप्रद हो सकता है।
  • कहाँ से खरीदें
  • इस दवा को ऑनलाइन या आयुर्वेदिक स्टोर से ख़रीदा जा सकता है।
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